राजस्थान में एक शराबी युवक से सगाई तोड़ने पर लड़की और उसके परिवार को पंचायत के तुगलकी फरमान का शिकार होना पड़ा।
पंचायत ने लड़की के परिवार को जूतों की माला पहनाई, समाज से बहिष्कार कर दिया और शराबी युवक से शादी न करने पर 10 लाख रुपए का जुर्माना तक लगाया दिया।
लड़की के पिता का आरोप है कि पंचायत ने उसके परिवार और लड़की के ससुराल वालों को प्रताड़ित किया है। इससे लड़की का विवाहित जीवन भी खराब हो गया है।
क्या है मामला
मामला जैसलमेर जिले के बईया का है। यहां रहने वाले कृपाराम की बेटी की सगाई भियाड निवासी सवाईराम से हुई थी। जब कृपाराम को पता चला कि सवाईराम शराबी है तो उन्होंने उससे बेटी का रिश्ता तोड़ दिया।
कृपाराम ने अपनी बेटी की शादी कहीं और कर दी, लेकिन इसके बाद तो परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरी पंचायत लड़की के परिवार के खिलाफ खड़ी हो गई।
कृपाराम ने आरोप लगाया है कि पंचों ने उनके परिवार को परेशान किया। यह मामला पांच माह से चल रहा है।
पिता के अनुसार पहले पंचों ने दोनों परिवारों का समाज से बहिष्कार कर दिया। इसके बाद भी परिवार के खिलाफ बेटी की नाबालिग उम्र में शादी करने की शिकायत कर दी। जब एसडीएम ने मामले की जांच की तो वह शिकायत झूठी निकली।
पहनाई जूतों की मामला
कृपाराम ने बताया कि 27 मई को एक बार फिर रामा गांव में पंचायत बैठी और तीन दिन तक चली। पंचायत में लड़की के परिवार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। लड़की के पिता और भाई को जूतों की माला पहनाई गई।
पंचों ने कृपाराम को फैसला सुनाया कि उनकी बेटी की शादी तोड़कर जिस युवक से पहले शादी तय की गई थी उसी के साथ करे।
मामले की होगी जांच
कृपाराम ने गुरूवार शाम पुलिस अधीक्षक (एसपी) पंकज चौधरी से इसकी शिकायत की। एसपी ने कृपाराम को आश्वासन दिया है कि मौके पर पुलिस टीम भेजकर जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।