दो सप्ताह पहले जिले के बिजोवा में मामाजी के मंदिर में हुई डकैती के मामले में पुलिस ने छानबीन कर पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए एसपी चुनाराम जाट ने बताया कि 11- 12 जनवरी की मध्यरात्रि रानी थाना क्षेत्र में स्थित बिजोवा मामाजी के मंदिर में डकैती की वारदात हुई थी। लुटेरों ने मंदिर के 65 वर्षीय पुजारी नवाराम पर जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था और उसके गले में पहने सोने के फूल, हाथों में पहने चांदी के कड़े, बटुआ, मोबाइल और मंदिर के गल्ले और तिजोरी में रखी नकदी लूटकर फरार हो गए थे।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मंदिर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से गंभीर रूप से घायल पुजारी को अस्पताल पहुंचाया और आरोपियों के भागने के संभावित रास्तों पर नाकाबंदी करवाई। एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि वारदात की गंभीरता को देखते हुए इन आरोपियों की गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
पकड़े गए ये शातिर बदमाश ज्यादातर मंदिरों को अपना निशाना बनाते थे और वारदात को अंजाम देने से पहले गूगल मैप पर मंदिर ढूंढते थे और उसकी रैकी करते थे। इस गैंग ने पाली, जालौर एवं सिरोही जिले में एक दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है। पूछताछ के दौरान और भी वारदातें खुलने की संभावना है।
आरोपी वारदात के वक्त अपने साथ धारदार हथियार, तलवार एवं रॉड आदि रखते थे और यदि कोई इनका विरोध करता था तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर देते थे, जैसा कि इन्होंने पुजारी के साथ किया था।
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों भी से मिली सूचनाओं के आधार पर वारदात में लिप्त पांच आरोपियों भरत पुत्र कमलाराम, बदाराम पुत्र दानाराम, भारतराम पुत्र चूनाराम, कुसाराम पुत्र तेजाराम एवं भरत पुत्र कानाराम को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है जबकि इनका सरगना भैराराम पुत्र सोनाराम दबिश के दौरान भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।