पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया 'एक स्टेशन एक उत्पाद' स्टॉल का उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मंडल के फालना स्टेशन पर सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। यहां राजस्थानी संस्कृति को प्रदर्शित करती नारियल फाइबर, ऊन और धागे से निर्मित कलाकृतियों की ओएसओपी स्टाल लगाई गई है। कलाकृतियों में हाथी, घोड़े, कलश और लटकन जैसी कलाकृतियां भी शामिल है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील कुमार महला के अनुसार स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा और लघु उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई एक स्टेशन एक उत्पाद योजना को और लाभदायक बनाने के लिए रेल प्रशासन ने इसकी स्थापना और आवंटन के नियमों में शिथिलता प्रदान की है।
पूर्व में सभी स्टेशनों पर स्टॉल आवंटन के लिए 15 दिन की 1000 रुपये लाइसेंस फीस ली जा रही थी। अब बड़े स्टेशनों पर लाइसेंस फीस यही रहेगी, लेकिन छोटे स्टेशनों पर इसे घटाकर 500 रुपये प्रति 15 दिन कर दिया गया है। वहीं, अब एक स्टॉल को 15 दिन की जगह तीन महीने के लिए आवंटित किया जाएगा। आवंटन के लिए संबंधित स्टेशन अधीक्षक से संपर्क करना होता है।
वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत अजमेर मंडल पर वर्तमान में 9 स्टेशनों पर विभिन्न उत्पादों की स्टाल लगाई गई है, जिसके अंतर्गत अजमेर स्टेशन पर दो स्टॉल लगाई गई हैं जिसमें गुलाबजल, गुलकंद, शरबत आदि, भीलवाड़ा स्टेशन पर आयुर्वेदिक चूर्ण और दवाइयां, उदयपुर स्टेशन पर दो स्टॉल हैंडीक्राफ्ट और लकड़ी के खिलौने, आबूरोड स्टेशन पर मार्बल उत्पाद, मारवाड़ जंक्शन स्टेशन पर हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल और कृषि उत्पाद, खामलीघाट स्टेशन पर कचोरी, फालना स्टेशन पर हाथ से बने नारियल फाइबर निर्मित उत्पाद, राणा प्रताप नगर पर लकड़ी के खिलौने, डूंगरपुर स्टेशन पर स्टोन आर्ट हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट की बिक्री की जा रही है।
वहीं, चार स्टेशनों पर ट्राली के रूप में लोकल उत्पाद की बिक्री किए जा रही है जिनमें रानी स्टेशन पर पकौड़ा व दही बड़े, सोजत रोड स्टेशन पर मेहंदी, सोमेसर व पिंडवाड़ा स्टेशन पर अचार, नसीराबाद स्टेशन पर चॉकलेट मिठाई की बिक्री की जा रही है। जिनकी सतत रूप से मॉनिटरिंग सहायक वाणिज्य प्रबंधक मोनिका यादव द्वारा की जा रही है।
मंडल रेलवे स्टेशनों पर लगाई गई एक स्टेशन एक उत्पाद स्टॉल दूरदराज से आने वाले रेलयात्रियों को लगातार आकर्षित कर रही हैं। जहां यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर संबंधित क्षेत्र के प्रसिद्ध उत्पाद यात्रा के दौरान ही आसानी से मिलने लगे हैं, वहीं उत्पादकों की भी बिक्री होने लगी है।