राजस्थान में कोटा बच्चों की मौत को लेकर काफी चर्चा में रहता है। एक बार फिर कोटा संभाग का सबसे बड़ा मातृ शिशु जेके लोन अस्पताल सवालों के कटघरे में है। यहां पर एक बार फिर पांच बच्चों की मौत हो गई, जिसके बाद से पूरे अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, अस्पताल के अधीक्षक इस मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन मृतक नवजातों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों ने इलाज में लापरवाही बरती, जिससे बच्चों की मौत हुई। बता दें कि अस्पताल में नवजातों की मौत को लेकर पहले भी काफी हंगामा हो चुका है, लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
बुधवार को हुई पांच बच्चों की मौत
दरअसल, अस्पताल में बुधवार को पांच नवजात बच्चों की मौत हो गई। उसके बाद से बच्चों के परिजन अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज को लेकर लापरवाही की गई है। अस्पताल में दो नवजातों के परिजन उनके शव को लेकर बैठे हुए हैं। वहां पर उनकी की सुनवाई करने वाला भी नहीं था।
रात में सो जाता है स्टाफ
अस्पताल की लापरवाही को लेकर परिजनों का कहना है कि रात में काम करने वाले स्टाफ सो जाते हैं। जब बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो वे उनके पास गए, लेकिन उन लोगों ने किसी भी तरह की सुनवाई नहीं की। साथ ही, कहा कि कल सुबह डॉक्टर साहब आएंगे, तब दिखाना। यहां तक कि वे लोग कहते हैं, बच्चा नॉर्मल है।
डांटकर भगा देते थे डॉक्टर
मौत के आगोश में आए एक नवजात के परिजन का कहना है कि अस्पताल में उनके नवजात की पूरी केयर नहीं की जा रही थी। उनके बार-बार कहने पर भी स्टाफ और चिकित्सक लापरवाही करते रहे। कई बार तो ऐसा होता था कि डॉक्टर उन्हें डांटकर भगा देते थे। डॉक्टरों ने पूरी तरह से उपचार नहीं किया है, जिसके चलते उनके बच्चे की मौत हो गई।