कोतवाली पुलिस और जिला विशेष टीम ने पावर हाउस के ग्रिड से तांबा चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दो मोटरसाइकिलें और चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के चार जिलों में स्थित 10 पावर हाउस से ट्रांसफार्मर तोड़कर तांबा चुराने की वारदातें स्वीकार की हैं। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले तीन अन्य आरोपियों को भी मामले में नामजद किया है।
हथियारों के दम पर सुरक्षाकर्मियों को बनाया था बंधक
मामला अहिंसा सर्कल स्थित पावर हाउस का है, जहां 2 अगस्त की मध्यरात्रि सात से आठ नकाबपोश बदमाश दीवार लांघकर परिसर में घुसे थे। लाठी और लोहे के सरियों से लैस बदमाशों ने वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को जान से मारने की धमकी देकर बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने स्टोर के सामने रखे तीन अलग-अलग ट्रांसफार्मरों को तोड़कर उनके भीतर से करीब तीन लाख रुपये मूल्य का तांबा निकाल लिया और फरार हो गए। इस संबंध में 3 अगस्त को सहायक अभियंता रविंद्र कुमार सिंह ने थाने में मामला दर्ज कराया था।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से खुला गिरोह का राज
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव के निर्देश और पुलिस उपअधीक्षक शिवप्रकाश हटीला की देखरेख में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी विश्लेषण के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान पता चला कि यह गिरोह चित्तौड़गढ़ के अलावा बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और उदयपुर में भी पावर हाउस को निशाना बना रहा है। इसके बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में खुलीं कई वारदातें
आरोपियों में बांसवाड़ा निवासी मुकेश नाथ (30), रतलाम निवासी राहुल भील (23) और निम्बाहेड़ा निवासी शिव भील (20) शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह ने प्रतापगढ़ के दलोट में 13, बांसवाड़ा में चार, उदयपुर के खरसान में तीन, वल्लभनगर में दो और नीमच में दो ट्रांसफार्मरों से तांबा चुराया था। इसके अलावा भीलवाड़ा और भींडर में भी चोरी की वारदातें कबूल की हैं।