NEET UG 2026 के कथित पेपर लीक मामले में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ा दावा किया है। एसओजी के आईजी अजयपाल लाम्बा ने कहा है कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि NEET का प्रश्नपत्र राजस्थान से लीक नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि राजस्थान केवल नेटवर्क की एक कड़ी के रूप में सामने आया है, जबकि पेपर पहले ही अन्य राज्यों में पहुंच चुका था।
मामले की जांच अब पूरी तरह केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। दिल्ली से CBI की टीम जयपुर पहुंच चुकी है और एसओजी से अब तक जुटाए गए सबूत, पूछताछ रिपोर्ट और हिरासत में लिए गए संदिग्धों की जानकारी ले रही है।
150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
एसओजी के अनुसार इस मामले में अब तक 13 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान सीकर, अलवर, झुंझुनूं, जयपुर और जयपुर ग्रामीण सहित कई जिलों में नेटवर्क की पड़ताल की गई। एजेंसी ने करीब 150 लोगों से पूछताछ की, जिनमें छात्र, अभिभावक और उनके परिचित शामिल हैं। आईजी अजयपाल लाम्बा ने बताया कि जांच के दौरान कई डिजिटल सबूत, चैट रिकॉर्ड और दस्तावेज भी जुटाए गए हैं।
प्राइवेट माफिया नाम के व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल हुआ गैस पेपर- जानकार सूत्रों के अनुसार कुछ रिपोर्ट्स में यह भी पता चला है कि सीकर में प्राइवेट माफिया नाम के व्हाट्सएप ग्रुप पर नीट 2026 का कथित गैस पेपर लीक हुआ।
महाराष्ट्र से हरियाणा और फिर राजस्थान तक पहुंचा पेपर
एसओजी जांच में सामने आया है कि कथित पेपर महाराष्ट्र के नासिक से हरियाणा पहुंचा था। हरियाणा के एक व्यक्ति को यह सामग्री भेजी गई, जिसने इसे आगे अन्य लोगों तक पहुंचाया।
जांच में यह भी सामने आया कि केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहे एक छात्र को उसके मित्र के जरिए यह कथित पेपर मिला था। इसके बाद गुरुग्राम और हरियाणा के कुछ लोगों के माध्यम से यह सामग्री राजस्थान सहित अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों तक पहुंची।
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बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सवाल थे शामिल
एसओजी के मुताबिक कथित लीक सामग्री में बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 प्रश्न उत्तरों सहित उपलब्ध थे। आरोपी इसे असली NEET पेपर बताकर छात्रों को बेच रहे थे।
हालांकि जांच एजेंसी का कहना है कि अब तक के तथ्यों से यह स्पष्ट है कि इस पूरे नेटवर्क का केंद्र राजस्थान नहीं था और प्रश्नपत्र यहां पहुंचने से पहले ही बाहर हो चुका था।
CBI ने दर्ज किया केस
CBI ने इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करने जैसी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) अधिनियम-2024 के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों में चिंता
NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में चिंता और नाराजगी का माहौल है। लाखों छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा हुआ है। अब CBI की जांच से पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।