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NEET-2026: ‘लीक क्वेश्चन बैंक’ का शक गहराया, SOG जांच में बड़े खुलासों के संकेत

Tue, 12 May 2026 07:55 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

NEET-2026 पेपर लीक मामले में राजस्थान SOG की जांच तेज हो गई है। एजेंसी को बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल परीक्षा से पहले लीक होने के सबूत मिले हैं। सीकर कनेक्शन, क्वेश्चन बैंक और करोड़ों के लेनदेन की जांच जारी है।

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NEET-2026 पर 'गेस पेपर' का साया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-2026 अब गंभीर सवालों के घेरे में है। राजस्थान एसओजी की जांच में ऐसे संकेत मिले हैं, जिन्होंने पेपर लीक की आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी को मिले शुरुआती सबूत बताते हैं कि परीक्षा से पहले ही चुनिंदा सवालों का एक “लीक क्वेश्चन बैंक” तैयार कर देश के कई राज्यों तक पहुंचाया गया था।

जांच में सामने आया है कि बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल परीक्षा में हूबहू आए। यही अब एसओजी के लिए सबसे बड़ा सबूत माना जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि ये सवाल परीक्षा से पहले ही कुछ छात्रों और नेटवर्क ऑपरेटर्स तक पहुंच चुके थे।

सूत्रों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क का एक बड़ा लिंक राजस्थान के सीकर से जुड़ रहा है। सीकर के पीपराली रोड स्थित एक कंसल्टेंसी सेंटर को जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। यहीं से कथित तौर पर प्रश्नों की पीडीएफ और प्रिंट कॉपियां अलग-अलग जिलों और राज्यों तक पहुंचाई गईं। जांच में सीकर, झुंझुनूं, चूरू, नागौर और देहरादून तक नेटवर्क फैलने के संकेत मिले हैं।

एसओजी ने अब तक 15 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। सोमवार को जयपुर से मनीष नाम के एक व्यक्ति को पकड़ा गया, जिसे जांच एजेंसियां इस कथित नेटवर्क का मास्टरमाइंड मान रही हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर केरल से लेकर राजस्थान और अन्य राज्यों तक कैसे पहुंचा और इसमें कितनी रकम का लेनदेन हुआ।

जांच एजेंसी को कुछ छात्रों और संदिग्धों के बीच चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेज भी मिले हैं। पूछताछ में कई छात्रों ने कथित तौर पर पैसे देकर सवाल हासिल करने की बात स्वीकार की है। अब एसओजी इस पूरे मामले की मनी ट्रेल खंगाल रही है।

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यह भी पढें- NEET UG 2026: केरल तक जुड़ रहे धांधली के तार, 5 लाख से लेकर 30 हजार तक में बिका पेपर, अब तक 14 गिरफ्तारियांसबसे बड़ा सवाल यह है कि NTA के सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के बावजूद सवाल बाहर कैसे पहुंचे? टेंडर डॉक्यूमेंट के अनुसार पेपर प्रिंटिंग से लेकर पैकेजिंग तक हर प्रक्रिया हाई सिक्योरिटी निगरानी में होती है। ऐसे में परीक्षा से पहले सवाल बाहर आना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक एसओजी अगले 2-3 दिनों में अब तक जुटाए गए सबूत NTA की एक्सपर्ट कमेटी को भेज सकती है। अंतिम फैसला NTA को करना है कि पेपर लीक हुआ या नहीं, लेकिन जांच एजेंसी के भीतर इसे लेकर हलचल तेज हो गई है।
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गहलोत का बयान: “NEET पेपर लीक पर FIR क्यों नहीं दर्ज कर रही सरकार?”

 इधर मामले में सियासत की एंट्री भी हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने NEET-2026 पेपर लीक मामले को लेकर राज्य सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने कहा कि पहले भी OMR शीट गड़बड़ी के मामलों को दबाया गया था, क्योंकि उसमें “इनके अपने लोगों” के नाम सामने आ रहे थे और अब NEET मामले में भी वैसा ही किया जा रहा है। अशोक गहलोत ने कहा, “मैंने सुना है कि 30-40 लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। अगर उन्होंने गलत किया है तो FIR दर्ज करो, कार्रवाई करो। आखिर सरकार मामला छिपा क्यों रही है?”

उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि कांग्रेस शासन के दौरान युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार और भर्ती के अवसर दिए गए थे। गहलोत ने कहा, “अगर हमारे समय में पेपर लीक की घटना सामने आई तो हमने तुरंत परीक्षा रद्द कर कार्रवाई की। अब सवाल यह है कि FIR क्यों नहीं हो रही? जनता को बताया जाना चाहिए कि आखिर मामला क्या है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान से NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा का पेपर आउट होना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने दावा किया कि SOG के अधिकारी खुद पेपर लीक की बात स्वीकार कर रहे हैं, फिर भी सरकार खुलकर कार्रवाई से बच रही है।

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