इस साल नवरात्री अपनी अलग तरह की हैट्रिक करेगी। दरअसल यह लगातार तीसरा साल है जब नवरात्री आठ दिनों की होगी। इससे पहले साल 2015 और 2016 में भी नवरात्री आठ दिन की रही थी।
ज्योतिषाचार्य पं. राजकुमार चतुर्वेदी ने बताया कि इस नवरात्रि की प्रतिपदा का क्षय है, जिससे एक नवरात्र कम हो गया। वहीं 5 अप्रैल को नवरात्र का समापन होगा। पिछले दो सालों से चैत्र नवरात्रि 8 दिनों की पड़ रही है। वर्ष 2015 में 21 से 28 मार्च तक और 2016 में 8 से 15 अप्रैल तक 8 दिनों की नवरात्रि थी। इस वर्ष भी एक तिथि के क्षय होने की वजह से एक बार फिर 8 दिनों की नवरात्रि रहेगी। देवी का आस्था का पर्व 28 मार्च को रेवती नक्षत्र में प्रारंभ होगा, लेकिन इस बार नवरात्रि का पर्व इस बार 9 के बजाय 8 दिन की होगी।
इसमें 28 मार्च को अमावस्या की तिथि सुबह 8.27 बजे तक ही रहेगी। घट स्थापना सुबह 8.27 के बाद सर्वार्थ सिद्धियोग में 1 बजकर 41 मिनिट कर सकते है । शास्त्रों में प्रातः काल के बाद देवी आह्वान और घट स्थापना का मुहूर्त का सर्व श्रेष्ठ समय अभिजीत का बताया है । इस दौरान सभी देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ ही मनोकामना दीपों से मंदिर जगमग होंगे। श्रद्घालु व्रत उपवास कर अपनी आस्था व्यक्त करेंगे और कन्या पूजन होगा।