राजस्थान में पंचायती राज चुनावों के बीच भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से राजनीतिक समर्थन मांगा है। वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने बारां, बूंदी और देवली-उनियारा क्षेत्र में अपने प्रत्याशियों को 'झाड़ू' चुनाव चिह्न देने की अपील की।
राजस्थान के पंचायती राज चुनावों के बीच भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से राजनीतिक समर्थन मांगा है। नरेश मीणा ने एक वीडियो संदेश के जरिये अरविंद केजरीवाल से सीधी अपील करते हुए बारां, बूंदी और देवली-उनियारा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों के लिए 'झाड़ू' चुनाव चिह्न देने की मांग की है। उनका दावा है कि क्षेत्र की जनता भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों से छुटकारा चाहती है और झाड़ू के निशान पर चुनाव लड़कर दोनों प्रमुख दलों को कड़ी चुनौती दी जा सकती है।
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तीन क्षेत्रों में सिंबल देने की अपील
वीडियो संदेश में नरेश मीणा ने कहा कि बारां, बूंदी और देवली-उनियारा में उनके प्रत्याशी आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरना चाहते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि पार्टी उनके प्रत्याशियों को 'झाड़ू' सिंबल देती है, तो कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत करके बेहतर परिणाम देंगे। नरेश मीणा का यह कदम पंचायती राज चुनावों में नया राजनीतिक समीकरण बनाने का प्रयास है। हालांकि, आम आदमी पार्टी या अरविंद केजरीवाल ने इस अपील पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
कांग्रेस और भाजपा पर बोला हमला
बयान में नरेश मीणा ने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बारां की जनता के मन में यह बात पूरी तरह बैठ चुकी है कि कांग्रेस और भाजपा का सफाया केवल 'झाड़ू' के जरिये ही संभव है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया पर भी सीधे निशाना साधा। राज्य में लंबे समय से दो प्रमुख दलों के बीच ही मुकाबला देखने को मिलता रहा है, ऐसे में नरेश मीणा की यह पहल तीसरे विकल्प की संभावनाओं को बढ़ा रही है।
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निकाय चुनाव के नतीजों से मिली उम्मीद
नरेश मीणा की इस पहल के पीछे बारां नगर परिषद चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन को अहम वजह माना जा रहा है। बारां नगर परिषद की 60 सीटों में से आम आदमी पार्टी ने 31 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया था। दूसरी तरफ कांग्रेस को 18 और भाजपा को केवल नौ सीटें मिली थीं। इस जीत के बाद आम आदमी पार्टी की नेता शीतल राठौड़ नगर परिषद की सभापति बनीं। नगर परिषद चुनाव की इस सफलता ने राज्य में पार्टी की संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं।
केजरीवाल के निर्णय पर टिकीं निगाहें
नरेश मीणा की इस अपील ने आम आदमी पार्टी के सामने नया सियासी विकल्प खड़ा कर दिया है। यदि आम आदमी पार्टी इस मांग को स्वीकार करती है, तो बारां, बूंदी और देवली-उनियारा में चुनावी मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। फिलहाल सभी नेता और कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।