टोंक जेल में बंद भगत सिंह सेना के सुप्रीमो और देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीना की शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सआदत अस्पताल लाया गया। जेल प्रशासन और कोतवाली थाना पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच नरेश मीना को अस्पताल पहुंचाया गया।
कई दिनों से हैं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां
जानकारी के अनुसार, नरेश मीना पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें सीने में हल्का दर्द भी महसूस हो रहा था। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए सआदत अस्पताल भेजा। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों की टीम ने उनका मेडिकल चेकअप किया और आवश्यक जांचें शुरू कीं।
मेडिकल जांच के बाद आईसीयू में भर्ती
मेडिकल परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने नरेश मीना को सआदत अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कर लिया। फिलहाल चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही है और स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक जांचें करवाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि चिकित्सकीय निगरानी के मद्देनजर उन्हें अगले 24 घंटे तक आईसीयू में रखा जाएगा। इस दौरान डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे।
अस्पताल में भी बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस तैनात
नरेश मीना के अस्पताल पहुंचने की सूचना के बाद अस्पताल परिसर में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। जेल प्रशासन और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उन्हें अस्पताल लाया गया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तैनाती भी की गई है।
राजेंद्र गुढ़ा ने मुलाकात के बाद जताई थी चिंता
गौरतलब है कि हाल ही में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने टोंक जेल में नरेश मीना से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद गुढ़ा ने नरेश मीना की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर भी बात कही थी। अब तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अगले 24 घंटे अहम, डॉक्टर रख रहे लगातार नजर
फिलहाल नरेश मीना का उपचार सआदत अस्पताल के आईसीयू में चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अगले कुछ घंटों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अस्पताल की ओर से उनकी जांच रिपोर्ट और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर आगे का उपचार तय किया जाएगा।
देवली-उनियारा उपचुनाव में रहे थे सुर्खियों में
नरेश मीना देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान भी चर्चा में रहे थे। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के कारण वे राजनीतिक तौर पर सुर्खियों में आए थे। वर्तमान में उनके जेल में बंद होने के बीच स्वास्थ्य बिगड़ने और आईसीयू में भर्ती किए जाने की खबर सामने आई है।