राजस्थान की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने गुरुवार को नागौर में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। आरएलपी जिला इकाई की ओर से जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर 17 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। पार्टी ने किसानों, युवाओं, कर्मचारियों, महिलाओं, व्यापारियों और आमजन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार पर जनहित की अनदेखी का आरोप लगाया।
ज्ञापन में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने, किसानों की फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने तथा फसल खराबे के लंबित बीमा दावों का शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई। इसके अलावा सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
आरएलपी ने राज्य के विभिन्न विभागों में वर्षों से रिक्त पड़े सरकारी पदों पर पारदर्शी भर्ती अभियान चलाने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान तथा बिजली, सिंचाई जल और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मियों और आवश्यक संसाधनों की कमी दूर कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
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पार्टी ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन राशि बढ़ाकर समय पर भुगतान करने, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे से जुड़े विकास कार्यों को गति देने की मांग उठाई। इसके साथ ही संविदाकर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों की मांगों के समाधान की भी मांग की गई।
ज्ञापन में बीमा कंपनियों द्वारा किसानों की जमीन का मुआवजा बाजार मूल्य के अनुसार देने तथा प्रदेश में स्थापित उद्योगों में 80 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का मुद्दा भी शामिल रहा। आरएलपी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनहित से जुड़ी इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने दावा किया कि यह प्रदर्शन जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया गया है।