डॉ. मोहन भागवत
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत राजस्थान के दौरे पर हैं। डीडवाना में उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों पर बात करते हुए कहा कि दुनिया को मर्यादा और आचरण सिखाने का काम भारत का है।
डीडवाना पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया के बाकी हिस्सों को जीवन और समाज से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सच्चाई का ज्ञान नहीं है, जिसे हमारे पूर्वज भली-भांति जानते थे। उन्होंने कहा कि भले ही लोग बाहरी रूप से एक-दूसरे से अलग दिखाई देते हों लेकिन मूल रूप से सभी एक हैं।
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आरएसएस प्रमुख ने कहा कि हम एक हैं का अर्थ यह है कि हर व्यक्ति हमारा अपना है। जब समाज में यह भावना विकसित होती है तो जीवन में स्वतः ही गरिमा और सम्मान का भाव आ जाता है। धर्म पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि संसार में जीवन एक साथ, समानांतर रूप से चलता रहता है और जो तत्व इस जीवन को संचालित करता है, वही धर्म कहलाता है।
दुनिया के अन्य हिस्से इस धर्म की अवधारणा को नहीं समझ पाए क्योंकि वे इसके पीछे छिपे सत्य को नहीं जानते। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति की यही विशेषता रही है कि हमारे पूर्वजों ने इस सत्य को पहचाना और उसी के आधार पर जीवन जीने का मार्ग दिखाया। उन्होंने अपने संबोधन में समाज में एकता, समरसता और आपसी अपनत्व की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया और कहा कि यही भारतीय परंपरा का मूल संदेश है।