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राजस्थान: नागौर में खाप पंचायत पर गंभीर आरोप, पीड़ित ने मानवाधिकार आयोग का खटखटाया दरवाजा

Thu, 27 Aug 2026 09:25 AM IST
नागौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर

सार

Rajasthan News: नागौर के बासनी गांव में कथित खाप पंचायत के खिलाफ एक मुस्लिम युवक ने राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दी है। पीड़ित ने सामाजिक बहिष्कार, धमकी और बदनाम करने के आरोप लगाते हुए परिवार की सुरक्षा और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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खाप पंचायत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के नागौर जिले के बासनी गांव में एक मुस्लिम युवक अल्लाहबक्स मुबारक दिलवाली ने राज्य मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजकर कथित गैरकानूनी खाप पंचायत के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नागौर सदर थाना क्षेत्र में पिछले 45 वर्षों से सक्रिय यह पंचायत गांव के लोगों का सामाजिक बहिष्कार करती आ रही है। उन्होंने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है।
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शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
अल्लाहबक्स के मुताबिक, उन्होंने 29 जुलाई 2026 को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पाबंद कर जमानत पर रिहा कर दिया। इसके बाद 15 अगस्त 2026 की रात करीब 10:30 बजे नागौरी कौमी जमात ने ‘इस्लाह ए मुआशरा’ के नाम से मंडल जमात खाना, बासनी में पंचायत बुलाई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि समाज सुधार के नाम पर बुलाई गई बैठक में उनके और अन्य लोगों के नाम लेकर धमकियां दी गईं।

पुलिस का मुखबिर बताकर गांव को तबाह करने की धमकी
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक व्यक्ति मीर जाफर को पुलिस का मुखबिर बताया गया और गांव को तबाह करने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पंचायत ने समान नागरिक संहिता को लेकर गलत जानकारी फैलाकर लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया, जिससे तनावपूर्ण माहौल बना।
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व्हाट्सएप ग्रुप में फोटो डालकर बदनाम करने का आरोप
अल्लाहबक्स के अनुसार, अगले दिन एक व्हाट्सएप ग्रुप में उनकी फोटो पोस्ट कर उन्हें ‘गद्दार’ कहकर अपशब्द लिखे गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बाद गांव के कुछ लोग उनके परिवार पर दबाव बनाने लगे और खाप पंचायत के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने तथा अन्य पीड़ितों की मदद न करने के लिए कहा जाने लगा।

मानवाधिकार आयोग से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने राज्य मानवाधिकार आयोग से संबंधित पंचायत के प्रमुखों और कथित दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा देने और सामाजिक बहिष्कार समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल कराने की मांग भी की है।

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शिकायतकर्ता ने आयोग को भेजे आवेदन के साथ बैठक के ऑडियो-वीडियो, पोस्टर, सोशल मीडिया पोस्ट और पूर्व में दिए गए आवेदन की प्रतियां भी संलग्न करने की बात कही है। शिकायत 24 अगस्त 2026 को बासनी, नागौर से दर्ज कराई गई है।
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