जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत पुलिस ने 21 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है।
नागौर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत करीब 17 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश देकर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 28 मामले दर्ज किए हैं। आरोपियों के कब्जे से 59 मोबाइल फोन, 7 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 44 एटीएम कार्ड, 4 बैंक पासबुक, 2 वाई-फाई डोंगल और 1 चेकबुक बरामद की गई है।
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जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। ये ठग फर्जी वेबसाइट, टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए निवेश, ट्रेडिंग और टास्क पूरा करने के नाम पर लोगों को लालच देते थे और मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर उनसे पैसे ऐंठे जाते थे। इतना ही नहीं ये आरोपी भोले-भाले लोगों को सरकारी योजना, नौकरी या कमीशन का झांसा देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड हासिल कर लेते थे। बाद में इन्हीं खातों को म्यूल अकाउंट बनाकर ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसके तार नागौर के अलावा अन्य राज्यों तक फैले हुए हैं। अभियान के दौरान कई स्थानों पर दबिश देकर इस नेटवर्क की अहम कड़ियों को तोड़ा गया है। इस कार्रवाई को नागौर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है क्योंकि इससे न केवल करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ है, बल्कि साइबर अपराध के बढ़ते खतरे पर भी बड़ा प्रहार हुआ है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या निजी दस्तावेज साझा न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक, ऑफर या निवेश योजना से दूर रहें। अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाने की सलाह दी गई है। राज्य स्तर पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत नागौर में मिली यह सफलता यह दिखाती है कि पुलिस की सख्ती से साइबर अपराधियों पर नकेल कसना संभव है।