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Nagaur News: तीन दिन के धरने के बाद मानी परिजनों की मांगें, समर्थन करने पहुंचे बेनीवाल, हत्या का मामला दर्ज

Mon, 28 Jul 2025 03:41 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर

सार

दो दिन पहले शुक्रवार को युवक की संदिग्ध मौत के बाद धरने पर बैठे परिजनों और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है। रविवार देर शाम सांसद हनुमान बेनीवाल धरना स्थल पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने भी परिजनों की मांगों के समर्थन में धरने पर बैठकर प्रशासन पर दबाव बनाया था।
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राजस्थान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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डीडवाना-कुचामन जिले के परबतसर उपखंड के सिटावट गांव में युवक रिछपाल मेघवाल (22) की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों के तीन दिन चले धरने के बाद रविवार रात को सहमति बनी। नागौर सांसद व राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के हस्तक्षेप से समझौता हुआ, जिसके तहत मृतक के शव का दोबारा पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में होगा। प्रशासन ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर हत्या और एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया है। साथ ही पीड़ित परिवार को सरकार व भामाशाहों की ओर से 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी।

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बता दें कि शुक्रवार सुबह सिटावट गांव निवासी रिछपाल मेघवाल का शव गांव के खेत में खेजड़ी के पेड़ से लटका मिला था। इससे पहले बुधवार को उसका खेत की तारबंदी को लेकर पड़ोसियों से विवाद हुआ था। मृतक के पिता चेनाराम, जो हैदराबाद में रहते हैं ने बताया कि विवाद के बाद कुछ लोग उनके घर आकर गाली-गलौज और धमकी दे गए थे। गुरुवार को रिछपाल खेत पर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन लौटकर नहीं आया और शुक्रवार सुबह उसका शव मिला।

शव को परबतसर के राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका और उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। रविवार देर शाम सांसद हनुमान बेनीवाल धरना स्थल पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने भी परिजनों की मांगों के समर्थन में धरने पर बैठकर प्रशासन पर दबाव बनाया।
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रात करीब 11 बजे तक चली वार्ता के बाद एडीएम राकेश गुप्ता और एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा की मौजूदगी में प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनी। पुलिस ने हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है, साथ ही मृतक के शव का दोबारा पोस्टमार्टम बीसीएमएचओ की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड से कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही एडिशनल एसपी कुचामन के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन भी किया गया है।
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मृतक के पिता चेनाराम ने रिपोर्ट में कैलाशनाथ, उगमनाथ, प्रेमनाथ, शिवजीनाथ, महावीर, सोहननाथ, अनिलनाथ, मनीषनाथ और राजेंद्रनाथ पर विवाद, धमकी और मारपीट के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटे का मोबाइल भी आरोपियों ने छीन लिया था। परिजनों ने स्पष्ट किया कि अगर प्रशासन मांगें नहीं मानता तो वे आंदोलन और तेज करते। मृतक के लिए न्याय की मांग करते हुए पूरे क्षेत्र में रोष था लेकिन समझौते के बाद सोमवार सुबह धरना समाप्त कर दिया गया।

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