कुचामन में व्यापारी रमेश रुलानिया की जिम में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान स्पेशल टीम ने चौथे मुख्य आरोपी जुबेर अहमद को मध्यप्रदेश के इंदौर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले गुरुवार रात को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से तीन अन्य आरोपी गणपत गुर्जर, धर्मेंद्र गुर्जर और महेश गुर्जर पकड़े गए थे। सभी आरोपी रोहित गोदारा गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।
एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि जुबेर हत्या के बाद पश्चिम बंगाल से ट्रेन पकड़कर इंदौर पहुंचा था, जहां टीम ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया गया। आरोपी को हिरासत में लेकर कुचामन लाया जा रहा है। चारों आरोपियों को शनिवार तक कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बता दें कि यह हत्याकांड 7 अक्टूबर दोपहर करीब 2 बजे कुचामन सिटी के एक जिम में हुआ था। 45 वर्षीय रमेश रुलानिया, जो स्थानीय व्यापारी संगठन से जुड़े थे, वर्कआउट कर रहे थे। तभी चार हथियारबंद नकाबपोश युवक अंदर घुसे और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। रमेश को आठ गोलियां लगीं, जिनमें दो सीने और सिर में लगीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से हमलावरों की पहचान जल्द हो गई। जांच में खुलासा हुआ कि हत्या रोहित गोदारा गैंग के इशारे पर हुई। बताया जा रहा है कि गैंग ने रमेश से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी, जो न देने पर हत्या की साजिश रची गई। चारों आरोपी जुबेर अहमद (28), गणपत गुर्जर (25), धर्मेंद्र गुर्जर (27) और महेश गुर्जर (30) गोदारा गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। जुबेर को हत्या का मास्टर माइंड माना जा रहा है।
हत्या के बाद चारों आरोपियों ने लगातार शहर बदलते हुए भागने की फिल्मी साजिश रची। वे कुचामन से झारखंड, फिर पश्चिम बंगाल तक पहुंचे। दो आरोपियों ने तिरुपति बालाजी मंदिर में मुंडन कर हुलिया बदला। जुबेर अलग होकर इंदौर पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पिस्तौल, नकदी और फर्जी आईडी कार्ड मिले हैं।
एसपी ऋचा तोमर ने कहा कि यह गिरफ्तारी हमारी सतत निगरानी और इंटेलिजेंस का नतीजा है। अब पूछताछ में और राज खुलेंगे। नावा एसएचओ ने बताया कि जुबेर को रिमांड पर लेकर गैंग कनेक्शन और हथियार खरीद की जांच होगी। रमेश रुलानिया की हत्या के बाद से कुचामन और डीडवाना क्षेत्र में दहशत का माहौल है। व्यापारियों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने गोदारा गैंग के अन्य सदस्यों पर भी नजर रखी हुई है।
इस वारदात ने राजस्थान में बढ़ती गैंगवार की आशंका को और गहरा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब व्यापारिक रंजिशें खतरनाक रूप ले रही हैं। रमेश रुलानिया को एक मेहनती और सामाजिक व्यवसायी के रूप में याद किया जा रहा है। उनकी हत्या ने पूरे समुदाय को झकझोर दिया है।