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व्यापारी रमेश रुलानिया हत्याकांड: समझौते के बाद धरना खत्म, थाना स्टाफ लाइन हाजिर; गैंगस्टर विरोध से उपजा तनाव

Wed, 08 Oct 2025 09:19 PM IST
नागौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर/कुचामन सिटी

सार

Ramesh Rulania Murder Case: कुचामन में व्यापारी रमेश रुलानिया की हत्या के बाद दो दिन चले धरने के बाद प्रशासन ने परिजनों की सभी मांगें मानीं। डीएसपी-सीआई हटाए गए, जांच एडीजी स्तर पर होगी। हालांकि बुलडोजर कार्रवाई को लेकर तनाव बरकरार है, पुलिस अलर्ट पर है।
 
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प्रशासन के साथ वार्ता के बाद धरना खत्म - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के कुचामन सिटी में मंगलवार सुबह हुई व्यापारी रमेश रुलानिया की गोली मारकर हत्या के बाद शहर में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। पुलिस-प्रशासन के साथ लंबी बातचीत के बाद बुधवार को मृतक परिवार से सहमति बनने पर धरना समाप्त हुआ, मगर गैंगस्टर विरोध और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।

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जिम में घुसकर तीन गोलियां दागीं, गैंगस्टर ने ली जिम्मेदारी
घटना मंगलवार सुबह की है जब बाइक शोरूम और होटल संचालक रमेश रुलानिया (40) की उनके जिम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज में नकाबपोश हमलावर स्कॉर्पियो से उतरकर जिम में घुसते और तीन गोलियां दागते दिखाई दिया। घटना के कुछ घंटों बाद ही विदेश में छिपे गैंगस्टर वीरेंद्र चारण ने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी ली, जो रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है।
करीब एक साल पहले इसी गैंग ने रमेश समेत पांच व्यापारियों से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी, लेकिन रमेश ने भुगतान से इनकार कर दिया था। पुलिस को आशंका है कि यह हत्या उसी धमकी का परिणाम है।
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शहर बंद, धरना और नेताओं का आक्रोश
हत्या की खबर फैलते ही कुचामन सिटी में सन्नाटा और विरोध की लहर फैल गई। व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिए, स्कूल-कॉलेजों में छुट्टियां घोषित हो गईं और थाने के बाहर हजारों लोग धरने पर बैठ गए।
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।



धरना दूसरे दिन और उग्र हो गया। मौके पर सांसद हनुमान बेनीवाल, विधायक मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, जाकिर गैसावत और अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचे। बेनीवाल ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था वेंटिलेटर पर है, मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग होते हुए भी अधिकारी अपराधियों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे। उन्होंने इंटरपोल की मदद से फरार अपराधियों को पकड़ने और फर्जी पासपोर्ट की जांच की मांग की।
 
प्रशासन ने मानीं मांगें, थाने का पूरा स्टाफ लाइन हाजिर
दोपहर बाद एडीएम राकेश गुप्ता ने परिजनों से वार्ता की। प्रशासन ने सभी मांगों पर लिखित सहमति दी। एडीएम ने कहा कि डीएसपी और सीआई को हटा दिया गया है, दोनों को निलंबित करने की सिफारिश हो चुकी है। कुचामन थाना स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच एडीजी क्राइम स्तर पर होगी और एसओजी व एटीएस इंटरपोल से सहयोग लेंगी।

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साथ ही गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई, धमकी झेल चुके व्यापारियों को मुफ्त सुरक्षा, और स्थानीय बदमाशों पर कार्रवाई की घोषणा की गई। सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ और परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की।
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बुलडोजर कार्रवाई पर नया विवाद, शहर में तनाव
इधर, पूर्व धमकी मामले के आरोपी रफीक के परिजनों ने बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया और सीबीआई जांच की मांग की। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। एसपी ऋचा तोमर ने अज्ञात आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। एडीजी आनंद श्रीवास्तव, आईजी राजेंद्र चौधरी, डीआईजी परिस देशमुख सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थल का मुआयना किया। शहर में नाकाबंदी जारी है और पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
 
क्या राजस्थान सुरक्षित है?
यह हत्याकांड राज्य में बढ़ते गैंगवार और पुलिस तंत्र की विफलता को उजागर करता है। गोदारा गैंग का नाम पहले भी सिद्धू मूसेवाला और गोगामेड़ी हत्याओं में सामने आ चुका है। व्यापारियों और नागरिकों में भय और आक्रोश दोनों हैं। वहीं, हनुमान बेनीवाल ने चेतावनी दी कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला, तो संघर्ष तेज किया जाएगा।


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