राजस्थान के नागौर जिले में अवैध विस्फोटक के बड़े नेटवर्क पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुलेमान खान के ठिकाने पर बुलडोजर चला दिया। हरसौर गांव में स्थित आरोपी के अवैध फार्महाउस और अतिक्रमण को शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया।
10 टन अमोनियम नाइट्रेट हुआ था बरामद
दरअसल, इसी फार्महाउस से कुछ समय पहले करीब 10 टन अमोनियम नाइट्रेट सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आरोपी के अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर को बुलडोजर से ढहा दिया।
25 बीघा सरकारी जमीन पर किया था कब्जा
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि आरोपी सुलेमान खान ने करीब 45 बीघा क्षेत्र में फार्महाउस बना रखा था, जिसमें से लगभग 25 बीघा सरकारी गोचर भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। शुक्रवार को राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और तीन जेसीबी मशीनों की मदद से फार्महाउस की चारदीवारी और अंदर बने अवैध निर्माण को गिरा दिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
मकान सीज, बिजली कनेक्शन भी काटा
प्रशासन ने आरोपी के मकान को सीज करते हुए उसका बिजली कनेक्शन भी काट दिया है। अधिकारियों के अनुसार यही वह स्थान था, जहां बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार सतीश राव, सीओ जयप्रकाश बेनीवाल, थांवला थानाधिकारी अशोक सहित बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
10 टन विस्फोटक मिलने से मचा था हड़कंप
गौरतलब है कि 24 जनवरी 2026 को नागौर जिले के थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव में स्थित एक सुनसान फार्महाउस से पुलिस ने करीब 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर, फ्यूज वायर और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी सुलेमान खान को गिरफ्तार किया था, जबकि बाद में जांच के दौरान उसके चार सप्लायर्स को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
एनआईए और केंद्रीय एजेंसियां कर रहीं जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पहले एसआईटी को सौंपी गई थी। बाद में केंद्रीय एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं और अब इस पूरे मामले की जांच एनआईए कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कहां से लाया गया और इसका इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जाना था।
ये भी पढ़ें:
राजस्थान विधानसभा में डिस्टर्ब एरिया बिल-2026 पास, इन कामों के लिए प्रशासन की मंजूरी होगी जरूरी
अवैध नेटवर्क पर कड़ा संदेश
प्रशासन का कहना है कि अवैध विस्फोटक कारोबार और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नागौर में हुई यह कार्रवाई अवैध विस्फोटक नेटवर्क के खिलाफ प्रशासन की बड़ी और कड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।