जायल तहसील के खिंयाला गांव निवासी स्वर्गीय हरिकिशन बिडियासर के पुत्र गणपतराम बिडियासर, मोहनराम बिडियासर, चेनाराम बिडियासर और अशोक कुमार बिडियासर को बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राजस्थान सरकार ने प्रतिष्ठित 'शिक्षा भूषण सम्मान' से सम्मानित किया है।
बिडियासर परिवार ने अपनी बेशकीमती भूमि राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, खिंयाला को दान देकर बालिका शिक्षा को नई दिशा देने का कार्य किया है। इस भूमि दान से विद्यालय के विस्तार, आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा अधिक छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
जयपुर के ऐतिहासिक बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर तथा प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक सीताराम जाट ने गणपतराम बिडियासर को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इससे पहले प्रारंभिक शिक्षा एवं पंचायतीराज विभाग के निदेशक सीताराम जाट ने 15 जून को जारी आमंत्रण पत्र के माध्यम से गणपतराम बिडियासर को समारोह में आमंत्रित किया था। सम्मान ग्रहण करने वे अपनी पुत्री के साथ जयपुर पहुंचे।
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सम्मान प्राप्त करने के बाद गणपतराम बिडियासर ने कहा कि यह सम्मान पूरे परिवार को समर्पित है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा ही समाज का भविष्य उज्ज्वल बना सकती है। यदि हमारी भूमि दान की छोटी-सी पहल से अन्य लोग भी प्रेरित होकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दें, तो यही हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा। इस सम्मान से खिंयाला सहित पूरे जायल क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाजसेवियों ने बिडियासर परिवार के इस प्रेरणादायी योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अनुकरणीय पहल बताया।
उल्लेखनीय है कि भामाशाह सम्मान राजस्थान सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और जनहित के कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रदान किया जाता है। बिडियासर परिवार की यह पहल बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।