एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 'ऑपरेशन रानीरोना' के तहत एक साल से फरार 25,000 रुपये के इनामी तस्कर को केंद्र शासित प्रदेश दमन से गिरफ्तार किया है। नागौर जिले की जायल तहसील के रोटू गांव निवासी 32 वर्षीय आरोपी रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई नागौर और आसपास के इलाकों में एमडी मादक पदार्थ सप्लाई का मुख्य सरगना है। एएनटीएफ की टीम ने लगभग 1,000 किलोमीटर दूर दमन तक पीछा करके उसे उसके मामा के किराये के कमरे से पकड़ा।
मुंबई से दमन तक लगातार पीछा
एएनटीएफ को इनामी आरोपी रामनिवास के दमन में छिपे होने की सूचना मिली। रामनिवास गत 27 अगस्त को जायल क्षेत्र में एमडी से भरी गाड़ी को एस्कॉर्ट करते समय पुलिस नाकाबंदी देखकर भाग निकला था। उस कार्रवाई में उसके साथी का नाबालिग भतीजा पकड़ा गया था और कार से 5.400 किलोग्राम एमडी बरामद हुई थी। इसके बाद वह मनाली, अंबाला और जयपुर होते हुए 3 सितंबर को दमन पहुंचा था। एएनटीएफ की टीम ने निगरानी और साथियों से पूछताछ के आधार पर उसके ठिकाने का पता लगाकर दबिश दी और उसे दबोच लिया। चूरू पुलिस ने गत 24 फरवरी को उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
मुंबई में बना नशे के कारोबार का कनेक्शन
पुलिस की जांच में सामने आया कि रामनिवास ने वर्ष 2011 में 12वीं पास करने के बाद मुंबई की एक कोरियर कंपनी में काम शुरू किया था। वहां उच्च वर्ग के नशेडियों के संपर्क में आकर उसने एमडी का सेवन और कारोबार सीखा। बाद में उसने नागौर क्षेत्र में इसकी आपूर्ति शुरू कर दी। वह ट्रेन और बस से मुंबई जाकर महीने में दो चक्कर लगाता था। पुलिस के अनुसार, वह मुंबई से 8 लाख रुपये प्रति किलो की दर से एमडी खरीदकर नागौर में अपने ग्राहकों को 10 लाख रुपये प्रति किलो में बेचता था। इस तरह उसे प्रति किलो दो लाख रुपये का लाभ होता था।
अवैध कमाई से बनाया मकान, खरीदे वाहन और गहने
एमडी की अवैध कमाई से आरोपी ने विशाल मकान बनवाया, वाहन खरीदे, पुराना कर्ज चुकाया और पत्नी के लिए सोने-चांदी के गहने खरीदे। नागौर पुलिस ने एनडीपीएस कानून की धारा 68एफ के तहत उसके निर्माणाधीन मकान पर कार्रवाई की और तस्करी में प्रयुक्त दो कारें भी जब्त की हैं।
मुख्य सप्लायर के तौर पर आया नाम
रतनगढ़ पुलिस द्वारा पकड़े गए तस्कर नरसीराम ने पूछताछ में रामनिवास को अपना मुख्य सप्लायर बताया था। इसके बाद से वह वांछित चल रहा था। फरारी के दौरान भी उसने जयपुर, मनाली और दमन में रहकर तस्करी का जाल बनाए रखा। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।