दुर्गम पहाड़ियों की चढ़ाई कर जो हौसला किरोड़ी सिंह मीणा ने दिखाया है, उसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे है। साथ ही इस दिन को उनके समर्थकों के जरिए विजय दिवस के तौर पर मनाना भी।
भाजपा के राज्य सभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा 70 साल की उम्र में सोमवार को बिना रुके आमागढ़ की दुर्गम पहाड़ियों पर चढ़ गए और उन्होंने भगवान मीन का झंडा भी फहराया। इस दौरान राज्यसभा सांसद मीणा ने केंद्र और राज्य सरकार से ऐतिहासिक किले को संरक्षित करने की मांग की। हालांकि, आमागढ़ किले को संरक्षित करने की मांग को लेकर पहले भी किरोड़ी लाल मीणा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिख चुके है। साथ ही पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह से भी मुलाकात की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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70 साल में रिटायरमेंट का दिया था सतीश पूनिया ने फार्मूला
पिछले साल आमागढ़ का किला सुर्खियों में रहा था। किले पर लगे भगवा झड़ां को विधायक रामकेश मीणा और उनके समर्थकों ने हटा दिया था। विरोध में किरोड़ी लाल मीणा ने किले पर चढ़ाई कर भगवान मीन का झंडा लगाया था। पिछले साल भी किरोड़ी सिंह मीणा दुर्गम पहाड़ियों पर चढे़ थे। अब इस दिन को उनके समर्थक विजय दिवस के रूप में मनाते है। अब उन्होंने ऊंची पहाड़ी पर चढ़कर अपनी शक्ति का एहसास कराया और पूनिया के बयान राजनीति में रिटायरमेंट की उम्र 70 वर्ष होने का भी जवाब दिया है।
निकाले जा रहे है राजनीतिक मायने
दुर्गम पहाड़ियों की चढ़ाई कर जो हौसला किरोड़ी सिंह मीणा ने दिखाया है, उसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा था कि राजनीति में रिटायरमेंट की उम्र 70 वर्ष होनी चाहिए । जबकि किरोड़ी लाल मीणा 70 साल को पार कर चुके है।