बीजेपी सांसद डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने जयपुर में प्रताप नगर NRI सर्किल स्थित राज आंगन योजना में भ्रष्टाचार का आरोप यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल पर लगाया है। मीणा ने कहा मंत्री ने स्किल डेवलपमेंट के नाम पर अपने चहेते व्यक्ति को करोड़ों रुपए की बेश कीमती जमीन बहुत कम रेट पर आवंटित करवा दी।
सांसद किरोडी लाल मीणा ने मौके पर पहुंचकर मीडिया को बताया कि अवैध तरीके से कोटा की आरजी मेमोरियल एजुकेशन सोसायटी को साल 2020 में करीब 45 करोड़ रुपए की जमीन बहुत कम दामों पर दे दी गई। उस जमीन की आज कीमत करीब 150 से 200 करोड रुपए की है। जिसे महज 7 करोड़ 30 लाख रुपए में दे दिया गया। सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने आरोप लगाया कि मंत्री शांति धारीवाल ने तमाम नियमों को ताक पर रखकर प्रभावशाली लोगों को जमीन आवंटित की है और मंत्री ने इसमें बड़ी रकम एक ही है। खुद मंत्री ने जेडीए, नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड जैसी संस्थाओं में भ्रष्टाचार किया है।
स्किल डेवलपमेंट के लिए दी जमीन, लेकिन रसूखदार आवंटी ने बंगला बनाकर शुरू की शराब पार्टियां
सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से रूबरू होकर बताया कि हाउसिंग बोर्ड के खण्ड -3 की राज आंगन योजना प्रतापनगर सांगानेर में मंत्री शांति धारीवाल ने अपने खास व्यक्ति अश्विनी जोकि R.G मेमोरियल एज्यूकेशन सोसायटी कोटा के कर्ता धर्ता हैं, उन्हें 2377.36 वर्ग मीटर जमीन दी है।
जिसकी कीमत 2020 में 45 करोड थी और आज 150 से 200 करोड़ है, उस जमीन को मात्र 6 करोड 18 लाख रुपए में कोटा के रहने वाले अपने खास व्यक्ति को कौशल विकास और शिक्षा का उद्देश्य पूरा करने के नाम पर आवंटन कर दी गई। कुल 7 करोड़ 30 लाख रुपए के लगभग रुपया आवंटी ने दिया बताया। जिस मकसद से मंत्री ने यह बेशकीमती जमीन आवंटित की। वहां वह कार्य नहीं होता है। वहां ना तो कौशल विकास का कार्य होता है। ना ही कोई शिक्षा का काम होता है। बल्कि आवंटी ने वहां विशाल बंगला बना लिया है। जहां देर रात तक शराब पार्टियां आए दिन चलती रहती हैं।
मंत्री धारीवाल पर पैसे लेकर जमीन आवंटन के आरोप
राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा- पहले इस जमीन को अलग संस्था में रजिस्ट्रेशन कराकर आवंटन कराने की कोशिश की गई। लेकिन वो पॉलिसी नियमों में नहीं फिट हो रही थी, क्योंकि उसके लिए 2500 मीटर की भूमि होना जरूरी था। फिर इसको वापिस बदलकर कौशल विकास में लगाकर आवंटन करा लिया गया। इस जमीन के लिए 12 मार्च 2020 को आवेदन की फाइल लगाई गई। जिसके आवंटन के लिए सभी अधिकारियों को एक ही जगह बुलाकर 20 मार्च 2020 को एक साथ विभिन्न अधिकारी और कर्मचारियों ने नोटशीट पर 20 हस्ताक्षर किए।
आखिर ऐसी क्या जल्दी थी, जो नोटशीट पर एक साथ 20 हस्ताक्षर कराए गए ? 45 दिन बाद फिर एक दिन इनके खास अधिकारियों की मीटिंग हुई। जिसमें बाकी के हस्ताक्षर 13 मई 2020 को एक ही साथ एक ही दिन में हो गए। इस जमीन आवंटन में लेन-देन की बात नहीं बनी, तो 7 दिन बाद वो फाइल मंत्री शांति धारीवाल के पास गई। तब उनके द्वारा नोट शीट लिख दी गई कि 'नॉट अलाउड '।
जब पैसों की लेन-देन की मांग पूरी हो गई, तो इसके एक महीने बाद ही 12 जून 2020 में जमीन को धारीवाल ने आवंटित करवा दिया। इसका क्या मतलब है ? उस जगह को हाउसिंग बोर्ड के बड़े अधिकारी के लिए एशो-आराम करने के लिए बैठक बना लिया गया है। जहां आए दिन पार्टियां चलती रहती हैं। उसके लिए हाउसिंग बोर्ड के सभी नियमों को ताक में रखकर NRI के एरिया में मुख्य सड़क की ओर बंगले के लिए अलग से गेट भी निकाला गया।