राजस्थान की महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश के आवास पर जनसुनवाई में अपनी फरियाद लेकर आई एक महिला को धक्के देकर बाहर करने का एक वीडियो सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधते हुए भाजपा ने शनिवार को कहा कि यह कांग्रेस सरकार और उसके मंत्रियों के कामकाज को दिखाता है।
जवाब देने से बचता रहा मंत्री का पीए
वायरल वीडियो में महिला कुछ कहती दिख रही है। इसके बाद एक पुरुष स्टाफ सदस्य उसे धक्के देकर आवास से बाहर निकालता दिख रहा है। जो वीडियो वायरल हुआ है वो मंत्री के आवास का ही है। वहां मौजूद मंत्री के पीए दिलीप कुमार से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि जो महिला आई थी वो दिमागी रूप से ठीक नहीं थी और मंत्री के सुरक्षाकर्मियों से पैसे की मांग कर रही थी। मंत्री के पीए दिलीप कुमार से जब पूछा गया कि महिला के लिए किसी महिला पुलिस कर्मी को नहीं बुलाया गया तो दिलीप कुमार ने मंत्री से बात करवाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। इस घटना के बाद मंत्री से कई बार फोन कर बात करने का प्रयास किया गया परंतु मंत्री ने जवाब नहीं दिया।
महिला आयोग ने कार्रवाई से पल्ला झाड़ा
मामले पर जब महिला आयोग की अध्यक्ष रेहान रियाज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अगर यह हुआ है तो गलत है। किसी भी तरीके से महिला को समझने का प्रयास किया जाना चाहिए था, धक्का-मुक्की उचित नहीं है। रेहाना रियाज ने इस कृत्य की निंदा की, परंतु किसी करवाई की बात से अपना पल्ला झाड़ लिया।
बच्ची के सामने महिला को दिए धक्के
भाजपा ने ट्वीट किया कि "अहंकारी" कांग्रेस का आखिरी दिन अब दूर नहीं है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी घटना की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मंत्री ममता भूपेश के पास फरियाद लेकर आई एक महिला को उसकी बेटी के सामने धक्का देकर निकाला गया। ये बहुत ही शर्मनाक है। वहीं, जोधपुर से सांसद ने लिखा कि इस सरकार को लगता है कि महिलाएं "आवाज उठाती हैं तो अपनी हदें पार कर जाती हैं। केंद्रीय मंत्री ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि ये लोग गरीब की बेटियों को दोयम दर्जे का नागरिक मानते हैं। यही कारण है कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ बर्बरता की कोई सीमा नहीं है।