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शास्त्री जी को श्रद्धांजलि देने के लिए जान पर खेल गए मंत्रीजी

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गांधी और शास्त्री जयंती (2 अक्टूबर) पर देशभर के लोगों ने उनको श्रद्धांजली दी। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग थे जिनको श्रद्धांजली देने के लिए के कड़ी मशक्कत भी करनी पड़ी। उन्हीं में से एक राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी भी हैं।
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चतुर्वेदी राजस्थान के जोधपुर में लाल बहादुर शास्त्री चौक पर लगी शास्त्री जी की मूर्ति पर माल्यार्पण करने पहुंचे। लेकिन चतुर्वेदी के लिए यह माल्यार्पण कार्यक्रम इतना आसानी नहीं था। उन्हें इसके लिए पहाड़ चढ़ना पड़ गया। लेकिन उन्होंने इन बाधाओं की परवाह किए बगैर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

दरअसल, हुआ यूं कि शास्त्री सर्किल पर लाल बहादुर शास्त्री की करीब 20 फीट से ऊंचा स्मारक है। उतनी ऊंचाई पर चढ़ने के लिए मंत्री जी के लिए रस्सी मंगवाई गई और ढलान जैसी स्मारक पर रस्सी के सहारे उनको चढ़ाया गया। तब जाकर वह शास्त्री जी का माल्यार्पण कर सके। इसके लिए उनके समर्थकों को भी काफी मसक्कत करनी पड़ी।
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क्रेन के सहारे माल्यार्पण

इतना ही नहीं जब रेजीडेंसी रोड स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण की बारी आई तो उस वक्त भी चतुर्वेदी को मेहनत करनी पड़ी। गांधी की ऊंची प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए क्रेन का इस्तेमाल करना पड़ा। जिसके बाद ही वह महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पाए।

एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजय घाट जाकर शास्त्री जी को श्रद्धांजली नहीं देने की वजह से उनकी आलोचना हो रही हैं वहीं दूसरी ओर राजस्थान के इस मंत्री की इतनी मेहनत के बाद दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजली देने के लिए उनकी काफी तारीफ हो रही है।
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