रविंद्र सिंह भाटी और उनकी पत्नी धनिष्ठा
- फोटो : सोशल मीडिया
लोकसभा चुनाव 2024 के मतदान के लिए अब कुछ दिन ही बचे हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता-कार्यकर्ता अपने प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। इसी बीच राजस्थान की बाड़मेर लोकसभा सीट से निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़ रहे शिव विधानसभा से विधायक रविंद्र सिंह भाटी इन दिनों चर्चा में हैं। रविंद्र भाटी अपनी संपत्ति को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। उन्होंने अपने नामांकन के दौरान रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष हलफनामे में अपनी संपत्ति का ब्योरा प्रस्तुत किया। भाटी ने उसमें बताया कि उनके पास खुद की न तो कोई जमीन है और न ही कोई मकान। वहीं, यह भी दावा किया है कि उनकी पत्नी धनिष्ठा कंवर के पास भी कोई जमीन या मकान नहीं है।
भाटी के पास कोई अचल संपत्ति नहीं
रविंद्र सिंह भाटी ने शनिवार को तय समय में अपना नामांकन दाखिल कर दिया था। भाटी ने रिटर्निंग अधिकारी को दिए अपने हलफनामे में बताया कि उनके पास न तो मकान है और न ही जमीन है। उनके पास दो लाख रुपये नकदी और तीन लाख रुपये बैंक खाते में जमा हैं। गहनों के नाम पर उनके पास केवल पांच ग्राम सोना है, जिसकी कीमत 33 हजार रुपये बताई गई है। उन्होंने बताया कि उनके पास कोई अचल संपत्ति भी नहीं है।
पत्नी भाटी से ज्यादा हैं धनवान
रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए हलफनामे के अनुसार, रविंद्र सिंह भाटी से ज्यादा संपत्ति उनकी पत्नी धनिष्ठा कंवर के पास है। धनिष्ठा के पास 27.16 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जिसमें से 20.83 लाख रुपये कीमत के 300 ग्राम सोने के गहने और एक लाख रुपये नकदी है। 271.33 रुपये बैंक खाते में जमा हैं। हलफनामे में रविंद्र भाटी की तरह उनकी पत्नी के पास भी कोई जमीन या मकान या फिर कोई भी अचल संपत्ति होने से इनकार किया गया है। इसके अलावा भाटी के पास कोई वाहन और हथियार न होने की जानकार दी गई है।
भाजपा ने मनौना किया, लेकिन नहीं माने भाटी
दरअसल, बीते विधानसभा चुनाव से पहले रविंद्र सिंह भाटी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। भाजपा से टिकट न मिलने पर भाटी ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीतकर विधायक बन गए। उसके बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया। उसके बाद सीएम और भाजपा नेता भजनलाल शर्मा सहित प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें मनाने की कोशिश की। लेकिन भाटी ने बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा लोकसभा क्षेत्र की जनता से पूछकर फैसला लेने की बात कह भाजपा में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके बाद शनिवार को रविंद्र भाटी ने अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया।