अलवर के राजगढ़ में 300 साल पुराना शिव मंदिर तोड़ा गया था। मामले को लेकर जमकर सियासत हुई लेकिन यहां के लोग अपने हक के लिए अनशन पर बैठे हैं। स्थानीयवासियों का कहना है कि हमारे घर टूट गए पर हमारी कोई सुनने वाला नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कि अभी तक जिन लोगों के मकान और दुकान तोड़े गए, उनको आश्वासन के बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। मंदिरों की भी सुध लेने वाला कोई नहीं है। प्रदेश सरकार भी इस पूरे मामले पर चुप है।
राजगढ़ के लोगों ने भाजपा और कांग्रेस के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भी झूठे वादे करता है। जिला कलेक्टर घटना के सात दिन बाद यहां पहुंचे थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच के लिए भिवाड़ी के अधिकारी को लगाया गया है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन ने सात दिनों में जांच पूरी होने की बात कही और इस मामले में आश्वासन दिया कि लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। मंदिरों के दूसरी जगह पर निर्माण कराने, मूर्तियों को विस्थापित करने सहित अन्य कार्य भी कराए जाएंगे लेकिन प्रशासन के सभी वादे झूठे साबित हो रहे हैं।