राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर प्रतियोगी परीक्षा रविवार से कोटपूतली-बहरोड़ जिले में शुरू हो गई। यह परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को दो दिन तक दो पारियों में आयोजित की जा रही है। पहले दिन परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला, वहीं प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया।
परीक्षा की पहली पारी में सामान्य हिंदी का पेपर सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित किया गया, जबकि दूसरी पारी में सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक हुआ। प्रत्येक पारी में करीब 7800 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं और सभी अभ्यर्थियों को दोनों पारियों में शामिल होना अनिवार्य है।
जिले में परीक्षा के लिए कुल 23 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 12 सरकारी और 11 निजी संस्थान शामिल हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता के कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षार्थियों को मेटल डिटेक्टर सहित अन्य सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्य समूह (SOG) द्वारा सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। इस बार ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल रोकने के लिए बड़े स्तर पर तकनीकी निगरानी की जा रही है। इसके तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास के मोबाइल टावरों का डंप डेटा भी एकत्र किया जाएगा, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
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इस परीक्षा की एक खास पहल यह है कि SOG ने पेपर लीक, डमी कैंडिडेट, ब्लूटूथ से नकल या अन्य किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना देने वालों के लिए एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
इसके अलावा, प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर दो वीडियोग्राफर तैनात किए गए हैं, जो पूरी परीक्षा प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग कर रहे हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री को सुरक्षित रूप से कोष कार्यालय में जमा कराया जाएगा, जहां से आगे इसे आरपीएससी कार्यालय भेजा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है, जिसके लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।