पुलिस जवान की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई
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राजस्थान पुलिस के एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ जवान हवलदार विक्रम सिंह तंवर का हृदय गति रुकने से असामयिक निधन हो गया। वे वर्तमान में जयपुर स्थित सत्र न्यायालय में सुरक्षा प्रभारी के महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पुलिस महकमे और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों और परिचितों ने उन्हें एक ईमानदार, जिम्मेदार और सेवा भाव से ओत-प्रोत जवान के रूप में याद किया।
दिवंगत हवलदार विक्रम सिंह तंवर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव कायमपुरा वास (बनेठी), कोटपुतली-बहरोड़ में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों की उपस्थिति रही। राजस्थान पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर अंतिम सलामी दी। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया और हर किसी की आंखें नम नजर आईं।
विक्रम सिंह तंवर अपने पीछे दो बच्चों और एक भाई सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।
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अंतिम संस्कार में कई गणमान्य लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। पनियाला थाना प्रभारी (एसएचओ), बनेठी सरपंच देवी सिंह तंवर, पूर्व सरपंच सुरेश सिंह, कायमपुरा वास सरपंच अर्जुन लाल, हरिपाल सिंह, सूबेदार राजकुमार सिंह, सूबेदार महेंद्र सिंह और हवलदार प्रताप सिंह सहित अनेक पुलिसकर्मी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
ग्रामीणों और सहकर्मियों ने बताया कि विक्रम सिंह तंवर अपने कर्तव्यों के प्रति बेहद सजग और समर्पित थे। उन्होंने अपने सेवाकाल में हमेशा ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम किया। उनके अचानक निधन से पुलिस विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं क्षेत्र के लोगों ने भी उन्हें एक सरल, मिलनसार और सहयोगी व्यक्ति के रूप में याद किया। उनकी अंतिम विदाई के दौरान उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि उन्होंने अपने व्यवहार और सेवाओं से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी।