मिलावटी पनीर की जांच करके नष्ट करते विभागीय अधिकारी।
जिले के नीमराना क्षेत्र में आम लोगों की सेहत से जुड़े बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया गया। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बाजार में सप्लाई होने से पहले करीब 150 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी पनीर पकड़ा गया। जांच के दौरान पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध मिलने पर उसका नमूना जांच के लिए सुरक्षित रखा गया, जबकि शेष पनीर को मौके पर ही गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दबाकर नष्ट कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ईको वाहन में खराब गुणवत्ता का पनीर भरकर नीमराना क्षेत्र में बिक्री के लिए लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन में रखे तीन कोल्ड बॉक्सों से करीब 150 किलो पनीर बरामद हुआ। प्रथम दृष्टया पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध लगने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। पूछताछ में वाहन चालक उबैद ने बताया कि वह यह पनीर हरियाणा के पलवल से खरीदकर नीमराना क्षेत्र में बेचने के उद्देश्य से लेकर आया था।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके पर पनीर का भौतिक परीक्षण किया। रंग, गंध और गुणवत्ता में संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विधिवत नमूने लेकर उन्हें सीलबंद किया गया। अब इन नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनस्वास्थ्य को किसी भी प्रकार का खतरा न पहुंचे, इसके लिए शेष करीब 150 किलो संदिग्ध पनीर को पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की मौजूदगी में गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दबाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और विक्रेता की विश्वसनीयता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि कहीं भी मिलावटी या संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस या खाद्य सुरक्षा विभाग को अवगत कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मिलावटी पनीर की जांच करके नष्ट करते विभागीय अधिकारी।