कोटपूतली-बहरोड़ जिले के भाबरू और पावटा क्षेत्र में बुधवार रात मांस से भरी एक पिकअप को लेकर जमकर हंगामा हो गया। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब पिकअप चालक का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में चालक भाबरू थाना पुलिस पर कथित रूप से एक लाख रुपये लेकर वाहन छोड़ने का आरोप लगाता सुनाई दे रहा है। हालांकि भाबरू थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।
“डाक पार्सल” लिखी पिकअप को गौ रक्षकों ने रोका
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर “डाक पार्सल” लिखी एक संदिग्ध पिकअप को गौ रक्षकों ने रोक लिया। वाहन में भारी मात्रा में मांस भरा होने की आशंका जताई गई। सूचना मिलने पर भाबरू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पिकअप को कब्जे में लेकर थाने ले आई।
गौ रक्षकों ने वाहन में प्रतिबंधित मांस होने की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाकर मांस के नमूनों की जांच करवाई। साथ ही वाहन के दस्तावेज और परिवहन संबंधी कागजात भी खंगाले गए।
प्रारंभिक जांच के बाद वाहन छोड़ा गया
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध तथ्य सामने नहीं आया। इसके बाद करीब पांच घंटे की जांच प्रक्रिया पूरी होने पर वाहन को नियमानुसार छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान दस्तावेज और नमूनों की जांच में कोई आपत्तिजनक तथ्य नहीं मिला था।
पावटा में दोबारा रोकी गई पिकअप
इधर देर रात जैसे ही वही पिकअप पावटा क्षेत्र में पहुंची, पहले से सतर्क गौ रक्षकों और ग्रामीणों ने उसे दोबारा रुकवा लिया। वाहन का पिछला हिस्सा खुलते ही उसमें भरी मांस की बोरियां देखकर लोगों में आक्रोश फैल गया। कुछ ही देर में मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इस दौरान ग्रामीणों ने चालक से पूछताछ की। इसी पूछताछ का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में चालक कथित रूप से यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि वह “भाबरू पुलिस को एक लाख रुपये देकर आया है।” वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया और पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई।
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पुलिस ने दोबारा वाहन को लिया कब्जे में
सूचना मिलने पर पुलिस टीम एक बार फिर मौके पर पहुंची और पिकअप को दोबारा कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया। चालक से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। मामले को लेकर पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
एसएचओ ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
भाबरू थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने कहा कि पुलिस को दोपहर में गौरक्षकों द्वारा एक पिकअप रोके जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद वाहन को थाने लाकर नियमानुसार जांच करवाई गई। उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सकों से परीक्षण कराने और वाहन के सभी दस्तावेज चेक करने के बाद कोई संदिग्ध तथ्य सामने नहीं आया, जिसके बाद वाहन को छोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा कि पुलिस पर लगाए जा रहे रिश्वत लेने के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक बातों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।