कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पुलिस अधीक्षक आईपीएस देवेन्द्र कुमार बिश्नोई को पदोन्नत करते हुए उप महानिरीक्षक (डीआईजी) नियुक्त किया गया है। पदोन्नति के पश्चात उन्होंने विधिवत रूप से डीआईजी पद का कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने अधिकारियों के साथ परिचय बैठक कर जिले की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की।
कानून-व्यवस्था और जनसुनवाई को प्राथमिकता
डीआईजी बिश्नोई ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली जनता-केंद्रित और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि आमजन का भरोसा और मजबूत किया जा सके।
सड़क सुरक्षा पर सख्त रुख, जनवरी रहेगा विशेष माह
नए साल की शुरुआत में डीआईजी बिश्नोई ने सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दोपहिया वाहनों से होने वाली मौतों में कमी लाने को प्राथमिक लक्ष्य बताया। इसी के तहत 1 से 31 जनवरी तक जिले में ‘सड़क सुरक्षा माह’ मनाया जा रहा है। लेन ड्राइव सिस्टम लागू करने और दोपहिया वाहन चालकों व पिलियन राइडर के लिए हेलमेट अनिवार्य करने पर सख्ती की जाएगी।
अपराध नियंत्रण के लिए विशेष रणनीति
अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए डीआईजी ने एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और डीएसटी टीमों को और सशक्त करने के निर्देश दिए हैं। चोरी, लूट और जबरन वसूली जैसे मामलों में पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।
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लंबित मामलों और मालखानों के निस्तारण पर जोर
थानों में लंबे समय से लंबित मालखानों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य थानों में व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना है।
पुलिसिंग में तकनीक और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के नए एप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत और मॉनिटरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। पुलिस बल के अनुशासन और दक्षता के लिए पुलिस लाइन में परेड ग्राउंड तैयार करने की योजना है। वहीं, पुलिस वाहनों को थानों के बजाय हाईवे और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।
जनभागीदारी और संयुक्त कार्रवाई पर फोकस
डीआईजी बिश्नोई ने ‘पुलिस मित्र’ और ‘सुरक्षा सखी’ जैसे अभियानों के जरिए युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरे लगवाने में जनसहयोग लेने तथा अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर आरटीओ व खनन विभाग के साथ संयुक्त सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।