नीमराना में देर रात जाम के दौरान खड़ी कार को तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार तीन महिलाओं समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि ट्रेलर के अगले हिस्से को भी नुकसान पहुंचा।
खाटूश्यामजी के दर्शन कर लौट रहे थे श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार, दिल्ली निवासी श्रद्धालु कार से खाटूश्यामजी के दर्शन कर वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नीमराना क्षेत्र में जाम लगा होने के कारण उनकी कार सड़क पर खड़ी थी। तभी पीछे से आए ट्रेलर ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार में सवार तीन महिलाओं और एक पुरुष को गंभीर चोटें आईं।
टक्कर के बाद कार का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, ट्रेलर के अगले हिस्से को भी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों की मदद करने की कोशिश की। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए मौके पर स्थिति भी असामान्य हो गई।
112 पर फोन करने के बावजूद मदद नहीं मिलने का आरोप
कार चालक चेतन शर्मा ने आपातकालीन सहायता व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि हादसे के बाद घायलों की मदद के लिए 112 नंबर पर फोन किया गया, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद समय पर सहायता नहीं मिल सकी। इसके बाद NHAI से संपर्क किया गया, जहां से नीमराना थाने का नंबर मिलने पर पुलिस से संपर्क किया गया।
चेतन शर्मा के अनुसार, हादसे के बाद घायल लोग मदद के लिए काफी देर तक परेशान होते रहे। उनका आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के बजाय घायलों से खुद इलाज कराने और वहां से जाने की बात कही। हालांकि, इन आरोपों को लेकर पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
घायलों की मदद में देरी को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद घायलों को समय पर मदद मिलने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क हादसे में घायल लोगों के लिए तत्काल चिकित्सा और पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बावजूद मदद में देरी के आरोप सामने आने से आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई है।
घटना में घायल चारों लोगों की स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने आना बाकी है। वहीं, पुलिस के आधिकारिक पक्ष के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के बाद मौके पर क्या कार्रवाई की गई और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में कितना समय लगा।