अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देते हुए कर्मचारी
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राजस्थान विद्युत मंत्रालयिक एवं अधीनस्थ कर्मचारी संघ से जुड़े मंत्रालयिक संवर्ग के कर्मचारियों में पदों के पुनर्गठन को लेकर गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा संशोधित आदेश काफी पहले जारी किए जा चुके हैं, लेकिन विद्युत विभाग अब तक पुनर्गठन प्रस्ताव वित्त विभाग को नहीं भेज पाया है। इससे पदोन्नति प्रक्रिया सहित कई महत्वपूर्ण हित प्रभावित हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को अधीक्षण अभियंता मनोज गुप्ता को ज्ञापन सौंपा गया।
‘दूसरे विभाग कर चुके, पर विद्युत विभाग में कार्रवाई शून्य’
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सभी विभागों को मंत्रालयिक संवर्ग के स्वीकृत पदों के पुनर्गठन प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए थे। अधिकांश विभागों ने इन आदेशों का पालन करते हुए संशोधित पदों का पुनर्गठन पूरा भी कर लिया है, लेकिन विद्युत विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि विभाग की इस देरी से योग्य कर्मचारियों की पदोन्नतियां अटकी हुई हैं, जिसके चलते असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
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ज्ञापन में तत्काल कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी
जिलाध्यक्ष प्रहलाद मीणा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि पुनर्गठन प्रस्ताव को तत्काल वित्त विभाग को भेजा जाए। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
इस दौरान जिला महासचिव कमलेश कुमार लखेरा, सुशील जांगिड़, कमलेश कुमार गुर्जर, सुरत सिंह चनानिया, हिम्मत वर्मा, महावीर गुर्जर, महेश यादव, शिवकुमार, मनोज कुमावत, गोवर्धन मीणा, संतलाल यादव, दीपेन्द्र कुमार, अरविन्द कुमार, कुलदीप सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों का कहना है कि पुनर्गठन लागू होने से न केवल पदोन्नति के रास्ते खुलेंगे, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली भी अधिक सुचारू और प्रभावी बनेगी।