भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना का लंबी बीमारी के बाद 58 वर्ष की उम्र में सोमवार को निधन हो गया। भड़ाना ने सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे अलवर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से प्रदेशभर में शोक की लहर दौड़ गई। भड़ाना पिछले करीब छह महीनों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। इस दौरान उन्हें ब्रेन हेमरेज भी हुआ था और उनका उपचार गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
राजनीतिक सफर
हेमसिंह भड़ाना का राजनीतिक जीवन प्रभावशाली रहा। वे अलवर जिले की थानागाजी विधानसभा सीट से दो बार विधायक चुने गए और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2014 में उन्हें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री बनाया गया था। इसके अलावा, उन्होंने उपभोक्ता मामले, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, स्टेट मोटर गैराज और संपदा विभाग जैसे मंत्रालयों का कार्यभार भी संभाला। भड़ाना ने राजस्थान यूनिवर्सिटी से LL.B. की डिग्री प्राप्त की और छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। धीरे-धीरे वे प्रदेश की राजनीति में एक प्रभावशाली और सशक्त नेता के रूप में उभरे।
पार्टी और नेताओं ने जताया शोक
निधन की सूचना मिलते ही भाजपा ने अलवर और खैरथल जिलों में सभी राजनीतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए। वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उनके आवास पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विभिन्न दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के माध्यम से गहरी संवेदना व्यक्त की।
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राजकीय सम्मान के साथ हुआ भड़ाना का अंतिम संस्कार
उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव बघेरी (कोटकासिम) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, कार्यकर्ता, समर्थक और ग्रामीण उपस्थित रहे। पूरे गांव में शोक और सम्मान का माहौल देखने को मिला।