कोटपूतली-बहरोड़: जिले में हुए ढ़ाई करोड़ के कॉपर चोरी का पुलिस ने 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने बताया कि इस चोरीकांड में ट्रक के ड्राइवर के साथ ही तीन लोग शामिल थे। जिनमें से एक आरोपी दिल्ली, दूसरा नूंह मेवात और तीसरा भिवाड़ी का रहने वाला है।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में 4 जनवरी 2026 की सुबह जब एक ट्रक खाली हालत में प्रागपुरा के पास खड़ा मिला, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मामला जिले की अब तक की सबसे बड़ी कॉपर चोरी में शामिल है। ट्रक में भरा 2 करोड़ 58 लाख 12 हजार 500 रुपये मूल्य का कॉपर रहस्यमय तरीके से गायब था और चालक भी लापता था।
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टोल प्लाजा के पास से गायब हो गया था ट्रक
परिवादी राजेश सिंह के मोबाइल पर टोल प्लाजा के मैसेज आए, लेकिन इसके बाद चालक अनिल सिंह शेखावत का फोन बंद हो गया। संदेह गहराया तो तलाश शुरू हुई। ट्रक प्रागपुरा क्षेत्र में ममता होटल से पहले खड़ा मिला, लेकिन उसमें माल नहीं था। होटल के गार्ड ने बताया कि रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच एक सफेद कार आई और चालक उसी में बैठकर चला गया। यहीं से कहानी ने अपराध का रूप ले लिया।
मामले के खुलासे के लिए एसपी ने बनाई विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई (IPS) ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम अली खान के सुपरविजन और वृत्ताधिकारी विराटनगर उमेश निठारवाल (RPS) के निर्देशन में थानाधिकारी प्रागपुरा मजनाराम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस के सामने चुनौती थी कम समय में सुराग ढूंढना और करोड़ों के माल को सुरक्षित बरामद करना।
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150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को पुलिस ने खंगाला
टीम ने तकनीकी जांच, टोल प्लाजा डाटा और करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। ट्रक की हर मूवमेंट को जोड़ा गया, रास्तों को रिवाइंड किया गया और संदिग्ध वाहनों की पहचान की गई। आखिरकार पुलिस की मेहनत रंग लाई। महज 10 घंटे के भीतर पुलिस ने चोरी गया पूरा कॉपर बरामद कर लिया। साथ ही वारदात में इस्तेमाल किए गए दो कंटेनर—HR-55-AY-4639 और RJ-02-GB-3929—को भी जब्त किया गया। इस हाई-प्रोफाइल चोरी में शामिल तीन आरोपियों इरफान (दिल्ली), रिंकू बागड़ी (नूंह मेवात) और मिंटू उर्फ सुखबीर (भिवाड़ी) को गिरफ्तार कर लिया गया।
सुनियोजित थी वारदात
पूछताछ में सामने आया कि चोरी की यह वारदात सुनियोजित थी। चालक को बहला-फुसलाकर अलग वाहन में बैठाया गया और ट्रक को सुनसान जगह पर छोड़कर कॉपर को दूसरे कंटेनर में शिफ्ट कर दिया गया। इस सफल कार्रवाई के बाद जिले में पुलिस की कार्यशैली की चर्चा है। “आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर” के नारे को कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस ने एक बार फिर जमीन पर उतार कर दिखा दिया। पुलिस अब आरोपियों से आगे के नेटवर्क और संभावित संलिप्त लोगों को लेकर गहन जांच में जुटी है।