Kota: कोटा में शिक्षा मंत्री के काफिले से जुड़ी एक अनुबंधित बोलेरो गाड़ी का निजी कार्यों में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। गाड़ी पर अब भी लाल-नीली बत्ती और पुलिस का मोनोग्राम लगा हुआ था, जबकि वह सरकारी ड्यूटी में उपयोग नहीं हो रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
राजस्थान के कोटा जिले में सरकारी गाड़ी का निजी काम में इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। सरकारी ड्यूटी से बाहर होने के बावजूद भी गाड़ी पर लाल-नीली बत्ती और पुलिस का मोनोग्राम लगा हुआ था। मामला सामने आने के बाद अब नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अभी तक सामने आया है कि यह गाड़ी शिक्षा मंत्री के काफिले से जुड़ी हुई थी। लेकिन अब गाड़ी मालिक और उसका परिवार इसे अपने निजी कार्यों में इस्तेमाल कर रहा है। वहीं वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हड़कंप मच गया है।
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शिक्षा मंत्री के काफिले में शामिल थी गाड़ी
दरअसल, शिक्षा विभाग के लिए अनुबंधित यह बोलेरो गाड़ी पहले शिक्षा मंत्री के काफिले में शामिल थी। लेकिन एक महीने से पेट्रोल-डीजल की बचत के चलते इस गाड़ी का काफिले में उपयोग नहीं हो रहा था। बावजूद इसके, गाड़ी पर लगी लाल-नीली बत्ती और पुलिस का मोनोग्राम नहीं हटाया गया। सामने आया है कि गाड़ी का मालिक पीरूलाल और उसके परिवार के सदस्य इस वाहन का निजी कार्यों तथा शहर में घूमने के लिए उपयोग कर रहे थे। जिस समय यह वीडियो बनाया गया, उस समय गाड़ी में दो युवक और दो युवतियां मौजूद थीं।
गाड़ी मालिक ने दी सफाई
गाड़ी मालिक पीरूलाल का दावा है कि अधिकारियों ने उन्हें निजी काम के लिए इस गाड़ी का उपयोग करने की अनुमति दी थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि लाल और नीली बत्ती को कपड़े से ढक देना है। वहीं अब शिक्षा विभाग इस पूरे मामले से बचने की कोशिश करता नजर आ रहा है।
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मोनोग्राम और बत्ती नहीं हटाने पर उठे सवाल
कुछ जानकारों का कहना है कि जब यह वाहन सरकारी ड्यूटी में इस्तेमाल ही नहीं हो रहा था, तो इस पर से लाल-नीली बत्ती और पुलिस का मोनोग्राम क्यों नहीं हटाया गया? मामला सामने आने के बाद अब पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोटा शहर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष मिश्रा ने बताया कि मामला सामने आने के बाद जांच करवाई जा रही है। साथ ही वाहन की पहचान कर उसके मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं शिक्षा विभाग से भी इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह सरकारी मोनोग्राम और पहचान चिह्नों का उपयोग करना गैरकानूनी है।