मुख्य मार्गों पर लगाए गए पोस्टर
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मुख्य मार्गों पर लगे पोस्टर
जानकारी के मुताबिक, ये पोस्टर कुन्हाड़ी, तलवंडी, महावीर नगर, जवाहर नगर और गुमानपुरा रोड सहित कई प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैं। पोस्टरों के सामने आने के बाद शहर में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक विभाजन पैदा करने वाला कदम बता रहे हैं।
‘गैर-हिंदू के प्रवेश से पनपते हैं लव जिहाद के मामले’
विश्व हिंदू परिषद के महानगर मंत्री आशीष शर्मा ने कहा कि नवरात्रि का पर्व मातारानी को प्रसन्न करने का उत्सव है। लेकिन कई बार डांडिया महोत्सवों में गैर-हिंदू या असामाजिक तत्व घुसकर उत्पात मचाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं ‘लव जिहाद’ का रूप ले लेती हैं। शर्मा ने कहा कि अब हम ऐसा नहीं होने देंगे, इसलिए आयोजकों को पहले से ही सतर्क किया गया है।
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‘गैर-हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानते तो प्रवेश क्यों’
बजरंग दल के मंत्री मुकेश ने भी इसी तरह की राय व्यक्त करते हुए कहा कि जब गैर-हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानते, तो उन्हें डांडिया महोत्सव में आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आयोजकों से अनुरोध किया कि प्रवेश के समय आधार कार्ड की जांच की जाए और प्रतिभागियों के माथे पर तिलक व हाथों में लच्छा भी बंधवाया जाए।
अफवाहों और विवाद पर बयान
पोस्टरों के चलते शहर में कई तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं। कुछ जगहों पर यह बात भी सामने आई कि आयोजनों में ‘गोमूत्र’ का छिड़काव किया जाएगा। इस पर हिंदू संगठनों का कहना है कि इसमें कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि हिंदू धर्म में गोमूत्र को पवित्र माना जाता है। संगठनों ने यह भी कहा कि फिलहाल यह सिर्फ आयोजकों से किया गया निवेदन है, लेकिन यदि शिकायतें आती हैं तो आगे कार्रवाई भी की जाएगी।
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