परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचे परीक्षार्थी
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कोटा में लगातार दो दिनों तक आयोजित हुई राजस्थान अध्यापक पात्रता परिक्षा शांतिपूर्ण तरिके संपन्न हो गई है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिले में 171 परिक्षा केन्द्र बनाए गए थे। जहां पर परिक्षार्थियों के लिए सभी सुविधाओं को ध्यान में रखा गया था। जिले में पहले दिन दो पािरयों में आयोजित हुई परिक्षा के लिए 44 परीक्षा केन्द्र पर 11993 परीक्षार्थियों ने परिक्षा दी। वहीं, दूसरी पारी में 67 परीक्षा केन्द्रों पर 19559 परिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। प्रशासन के मुताबिक, पहले दिन 91.06 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परिक्षा दी थी। वहीं, शुक्रवार दूसरे दिन आयोजित हुई परीक्षा के लिए 60 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। जिन पर परीक्षा देने के लिए 19131 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। दूसरे दिन की परीक्षा में 91.58 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
जिला कलेक्टर डाॅ. रविन्द्र गोस्वामी ने परीक्षा केन्द्रों पर जाकर रीट परीक्षा की व्यवस्थाएं देखी। डाॅ. गोस्वामी ने पहले जेके लोन अस्पताल के सामने परीक्षा केन्द्र पहुंचकर परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। साथ परीक्षा केन्द्रों पर मौजूद कर्मचारियों ने वहां की स्थिति और व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। वहीं, जिला कलेक्टर ने रीट परीक्षा को लेकर बनाए गए स्ट्रांग रूम और कंट्रोल रूम की स्थिति को भी देखा और अधिकारियों को व्यापक तरीके से काम करने के निर्देश दिए। प्रत्येक परिक्षा केन्द्र पर एरिया एवं जोनल अधिकारी, केन्द्र पर्यवेक्षक, पेपर कोआऑर्डिनेटर, फ्लाइंग स्काॅड तैनात किए गए। इसके साथ ही परीक्षा केन्द्रों के आसपास बने होटल और धर्मशालाओं पर भी पुलिस ने कड़ी निगरानी रखी और जांच पड़ताल भी की ताकी परिक्षा में नकल और अन्य गतिविधियों को रोका जा सके।
दो दिन में आयोजित हुई रीट परीक्षा कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें अपना करियर बनाने के साथ परिवार की जिम्मेदारी भी संभालते हुए कई महिला परीक्षार्थी नजर आई। इंदिरा गांधी नगर, स्टेशन क्षेत्र, जवाहर नगर, दादाबाड़ी सहित कई परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा देने पहुंची महिला अभ्यार्थी अपने छोेटे-छोटे बच्चों को लेकर पहुंची थी। जिन्होंनें पहले पढ़ाई करते करते अपने बच्चे की देखरेख की। फिर परीक्षा का समय होने पर बच्चे को अपने पतियों को संभालाया और परीक्षा देने गई। तो कई ऐसी तस्वीरें भी सामने आई जिसमें परीक्षा देने परीक्षा केन्द्र पर 1 मिनट देरी से पहुंचने के बाद भी उनको परीक्षा केन्द्रों पर प्रवेश नहीं दिया गया। कई मिन्नतों के बाद भी उनको प्रवेश नहीं मिलने पर परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा के ही बैरंग लौटना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा देने आने वाले परीक्षार्थीयों के प्रवेश पत्र में पहले सभी गाइड लाइन थी, उनको किस समय परीक्षा केन्द्रों पर प्रवेश दिया जाएगा।