जिले के ग्रामीण क्षेत्र की सुकेत थाना पुलिस ने हत्या के एक प्रकरण में साल 1968 से फरार चल रहे प्रभुलाल उर्फ प्रेमसागर पुत्र रामदेव को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके से गिरफ्तार किया गया। आरोपी अपना नाम और पहचान छुपाकर दिल्ली में रह रहा था। पुलिस का कहना है कि ग्रामीण पुलिस अधीक्षक की ओर से आरोपी को पकड़ने के लिए 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि साल 1968 के मई माह में कुंभकोट निवासी एक फरियादी रामप्रताप ने थाने में एक रिपोर्ट दी थी, जिसमें बताया कि प्रभुलाल ने फरियादी के भांजे भवाना के सिर पर पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने हत्या में प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। काफी तलाश करने पर भी आरोपी के बारे में कोई सुराग पुलिस को नहीं लग रहा था, जिसके बाद रामगंज मंडी की अदालत ने साल 1971 में आरोपी को मफरूर घोषित कर दिया।
आरोपी ने घटना को अंजाम देने के बाद अपने गांव और सभी रिश्तेदारों से भी दूरियां बना ली थीं और अपने गांव में भी आना-जाना छोड़ दिया था। वहीं अब जाकर तकनीकी सूचना मिलने पर पुलिस ने टीम का गठन कर आरोपी प्रभुलाल को दिल्ली के मंगोलपुरी से ढूंढ निकाला और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आज आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।