कोटा एयरपोर्ट को डायवर्जन की अनुमति
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शिक्षा नगरी कोटा को नए एयरपोर्ट मिलने का रास्ता साफ हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों के चलते केंद्रीय वन मंत्रालय ने डायवर्जन की अनुमति दे दी है। अब केवल राज्य सरकार को डायवर्जन शुल्क का भुगतान करना है और इसके बाद एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित की गई जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी के नाम हो जाएगी। केंद्रीय वन मंत्रालय से डायवर्जन की अनुमति मिलने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार जताया है।
बता दें कि देश के सभी महत्वपूर्ण स्थानों से सुगम आवागमन होने के पश्चात भी कोटा शहर को हवाई मार्ग से आवागमन की महती आवश्यकता थी। काफी लंबे समय से इसकी मांग भी की जा रही थी। इसके लिए बूंदी जिले के झाखमूंड सहित तीन गांव की लगभग 1200 बीघा जमीन का अधिग्रहण भी किया गया था। फिर बात केंद्रीय वन मंत्रालय पर जा अटकी और डायवर्जन की अनुमति नहीं मिलने से अधिग्रहित जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी के नाम नहीं हो पा रही थी।
एयरपोर्ट अथॉरिटी के नाम जमीन नहीं होने के चलते दिल्ली में हुई बैठक में कोटा एयरपोर्ट को वित्तीय राशि जारी नहीं की गई। इस आशय से राजस्थान सरकार की ओर से स्वायत शासन मंत्री शांति धारीवाल ने इस बैठक में भाग लिया था और उक्त निर्णय के बारे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी अवगत करवाया था।
मुख्यमंत्री की घुड़की का दिखा असर
बता दें कि पिछले दिनों भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कोटा आए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कहा था कि अगर आपके रहते कोटा को एयरपोर्ट नहीं मिला तो मैं अगले चुनाव में आपके सामने कोटा से चुनाव लड़ूंगा।