महिला की हत्या के मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा
राजस्थान के कोटा जिले में पत्नी की हत्या के करीब तीन साल पुराने मामले में महिला उत्पीड़न प्रकरण क्रम-1 अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी पति, ससुर और दो देवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। चारों दोषियों ने वर्ष 2023 में शालू महावर की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया था।
बहन की शिकायत से खुला हत्या का मामला
सहायक निदेशक अभियोजन बलराम मीणा ने बताया कि मृतका शालू महावर की बहन ज्योति ने रेलवे कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि शालू की शादी अंबेडकर कॉलोनी रोटेड़ा निवासी बंटी महावर से हुई थी। शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग उसे प्रताड़ित करते थे।
पत्थर से हमला कर उतारा था मौत के घाट
शिकायत के अनुसार, 31 जुलाई से 2 अगस्त 2023 के बीच पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने शालू के साथ मारपीट की। इस दौरान मसाला पीसने वाले पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।
पहले घर में दफनाया, फिर नहर में फेंक दिया शव
पुलिस जांच के दौरान आरोपी पति बंटी महावर, देवर दिलीप, रवि और ससुर पन्नालाल को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हत्या के बाद शव को घर में बने गहरे गड्ढे में दफना दिया था। दो दिन बाद बदबू आने पर शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर नहर में फेंक दिया।
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23 गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने सुनाई सजा
पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान 23 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।