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Kota: मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत के बाद हंगामा, परिजनों और स्टाफ में विवाद; तीन घंटे किया कार्य बहिष्कार

Thu, 30 Jul 2026 06:06 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने देर रात को वीआईपी विजिट का हवाला दिया और एक नंबर बेड पर भर्ती अमर सिंह को 16 नंबर बेड पर भर्ती कर दिया। जिसके बाद मरीज का सही से इलाज नहीं हुआ, आज सुबह तबियत ज्यादा खराब हो गई।
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मरीज की मौत पर अस्पताल में हुआ हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो हाथापाई तक पहुंच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने हंगामा कर रहे एक युवक को हिरासत में भी लिया। घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे तक कार्य बहिष्कार किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार, रामपुरा निवासी 70 वर्षीय अमर सिंह को लकवे की शिकायत के बाद न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। वह पिछले सात दिनों से अस्पताल में उपचाराधीन थे। परिजनों का कहना है कि उन्हें निमोनिया की भी शिकायत थी। शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि देर रात वीआईपी विजिट का हवाला देकर अस्पताल स्टाफ ने अमर सिंह को आईसीयू के बेड नंबर 1 से हटाकर बेड नंबर 16 पर शिफ्ट कर दिया। इसके बाद उनका समुचित उपचार नहीं किया गया। उनका कहना है कि सुबह तबीयत बिगड़ने पर भी स्टाफ ने समय पर ध्यान नहीं दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर बदसलूकी और मारपीट का भी आरोप लगाया है।

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वहीं, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, कोटा के अध्यक्ष डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि सुबह रेजिडेंट डॉक्टर वार्ड राउंड पर थे। इसी दौरान आईसीयू में भर्ती एक मरीज की मौत हो गई। इसके बाद मृतक के परिजनों ने मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. अर्पित सिंघल और अन्य डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की तथा आईसीयू में तोड़फोड़ की।

डॉ. शर्मा का कहना है कि डॉ. अर्पित सिंघल का संबंधित मरीज के उपचार से कोई संबंध नहीं था, क्योंकि मरीज दूसरी यूनिट में भर्ती था। इसके बावजूद परिजनों ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने अस्पताल अधीक्षक को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।

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