लापरवाही बरतने ने पर 4 चिकित्सा कर्मियों पर एक्शन
कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनिक विभाग में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 6 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में अब प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने देर रात 4 चिकित्साकर्मियों पर एक्शन लिया है, जिनमें दो डॉक्टर और दो नर्सिंग कर्मी शामिल हैं। वहीं लापरवाही के चलते दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि तीन महिलाओं को डायलिसिस पर रखा गया है।
4 चिकित्सा कर्मियों पर कार्रवाई
मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी आदेश में एसोसिएट प्रोफेसर सर्जरी डॉ. नवनीत शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर गायनेकोलॉजी डॉ. श्रद्धा, ऑपरेशन थिएटर की सिस्टर इंचार्ज गुरजीत कौर और लेबर रूम सिस्टर इंचार्ज निमेश वर्मा पर कार्रवाई की गई है। इनमें गायनेकोलॉजी विभाग की डॉ. श्रद्धा की सेवाएं बर्खास्त कर दी गई हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन मामले को लेकर गंभीरता दिखा रहा है।
पहले कार्रवाई होती तो बच सकती थीं जानें
हालांकि सवाल यह भी उठ रहे हैं कि यदि प्रशासन पहले गंभीरता दिखाता तो शायद इन महिलाओं की जान बचाई जा सकती थी। इस पूरे मामले में पायल और ज्योति की मौत हो चुकी है, जबकि धन्नी बाई और रागिनी की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
किडनी इंफेक्शन ने बढ़ाई चिंता
आपको बता दें कि नए अस्पताल में सिजेरियन प्रकरण के बाद शुक्रवार को किडनी फेलियर का एक और मामला सामने आया है। गायनिक वार्ड में 6 मई को कसार निवासी किरण की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के दूसरे दिन उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसका यूरिन आउटपुट बंद हो गया।
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परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए और स्टाफ ने मामले को दबाने की कोशिश की। बाद में परिजन महिला को गंभीर हालत में निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे डायलिसिस पर रखा गया है।