बूंदी में भारी बारिश की चेतावनी मिलने के बाद से ही जिले भर में बरसात का दौर जारी है। ऐसे में जिले के सबसे बड़े बांध गुड़ा बांध से जिला प्रशासन ने 10 गेटों को खोलकर 36 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की है, जिसके चलते निचले इलाकों में प्रशासन का अलर्ट है। अलोद और चेता गांव में नदी का पानी घुसने की कगार पर है। इन गांव में पुलिस के जवान लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और जो लोग निचले इलाकों में नदी किनारे बसे हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा जा रहा है।
इधर शहर में भी बरसात के चलते हालात खराब हो चले हैं। शहर की दोनों झील नवल और जैतसागर झील से पानी की निकासी की जा रही है। जैतसागर नाले में ऊफान के चलते कई कालोनियों में पानी घुस गया है। वहीं नवलसागर झील से लगातार छोड़ जा रहे पानी के कारण सदर, नगदी और ठठेरा बाजार में पानी का सैलाब देखा जा सकता है। लगातार बारिश के चलते व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है।
बरसात के चलते गुढ़ा बांध के 10 गेटों को खोलकर 36 हजार से अधिक क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है, जिस कारण मेज नदी ऊफान पर है। दबलाना सहित कई गांवों में पुलियाएं डूब चुकी हैं। जिले के देई इलाके के भजनेरी नदी की पुलिया पर पिछले 20 दिनों से तूफान चल रहा है। लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। नैनवा का पाइबलापुरा, बालापुरा, बरधा बंद, भीमलत बांध, शंभू सागर, गरड्ढदा बांध में जबरदस्त पानी की आवक हुई है। इस बार बारिश ने पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जिले में अब तक 1125.25 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि गत वर्ष 885.25 मिमी बारिश हुई थी। बीते दस साल में 812.91 मिमी बारिश का रिकॉर्ड था।
निचले इलाकों में हाल बेहाल
सवेरे छह बजे से जारी बारिश का दौर अब भी पूरी तरह थमा नहीं है। अब तक बूंदी में 5 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है जिसके चलते नदी, नाले ऊफान पर आ गए हैं। शहर की दोनों झीलें अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने नवल सागर ओर जैतसागर झील के सभी गेटों को खोलकर हजारों क्यूसेक पानी की निकासी की है। इस पानी से शहर का आधा हिस्सा पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। सड़क से लेकर घरों तक पानी ही पानी देखा जा सकता है। सड़कों पर 2 से 3 फीट पानी है तो घरों में सभी सामान डूब चुके हैं। जवाहर कॉलोनी, शास्त्री नगर सहित कई इलाकों में घरों में पानी घुस चुका है, लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं।
प्रशासन पर आरोप
महावीर कॉलोनी, शास्त्री नगर व जवाहर कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सुबह से बारिश के चलते हालत खराब है लेकिन एक बार भी प्रशासन ने आकर हमारी सुध नहीं ली है। घरों में पानी घुस गया है। सवेरे से लोग भूखे-प्यासे छतों पर रहने के लिए मजबूर हैं। सुबह काम पर निकले लोग सुरक्षित स्थान पर पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि जैतसागर पर हो रहे नाले से अतिक्रमण हटाया जाए ताकि इसकी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
बूंदी में भारी बारिश का दौर जारी