जिले में रक्षाबंधन का पर्व एक परिवार में मातम में बदल गया। भीमलत झरने के कुंड में डूबे युवक का शव 48 घंटे बाद बरामद कर लिया है। राखी का त्योहार होने के चलते घर में हुई अकाल मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बहने अपने भाई को कलाई पर राखी बांध नहीं सकीं। शव बरामद करने में एसडीआरएफ, सदर, बसौली पुलिस और सिविल डिफेंस के टीम को सफलता मिली है। परिजनों की मौजूदगी में बूंदी मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है।
गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व झरने के पास युवक जीतू सेल्फी ले रहा था। तभी अचानक से पैर फिसल जाने के चलते हुए डेढ़ सौ फीट से नीचे कुंड में जाकर गिर गया। उसकी मौत हो गई। लगातार एसडीआरएफ की टीम सर्च ऑपरेशन कर रही थी।
सदर थानाधिकारी भगवान सहाय मीणा ने बताया कि 3 दिन पूर्व एक युवक झरने में डूब गया था। पुलिस को जहां झरने के ऊपर एक बैग, मोबाइल, चाबी, जूते मिले थे, बैग के अंदर एक फार्म मिला जिसमें मंगाल पंचायत के लाखा की झोपड़ीया निवासी दीपू कुमार मीणा लिखा हुआ। इन दिनों बारिश के चलते झरना उफान पर बह रहा है। मौके पर एसडीआरएफ की टीम लगातार पानी में सर्च अभियान चला रही थी। कुंड में बड़ी-बड़ी चट्टानौ से पानी निकल रहा है। SDRF टीम ने कुंड के यहां पर बड़ी लोहेदार जली को लगाया ताकि शव आगे नदी में ना निकले। मौके पर बसौली थाना पुलिस, सिविल डिफेंस का जवान भी मौजूद थे जो लगातार एसडीआरएफ की टीम की मदद करवा रहे थे। आखिरकार 48 घंटे की मदद के बाद शव मिली गया। मौके पर मौजूद परिजनों ने भी शव की शिनाख्त की। थानाधिकारी भगवान सहाय ने बताया कि जिस जगह पर हादसा हुआ उनके नीचे एसडीआरएफ के जवानों को रेस्क्यू में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुंड के पास से लगातार झरना गिर रहा था। ऊपरी क्षेत्र में बरसात होने के चलते पानी का फ्लो भी बढ़ रहा था फिर भी कठिनाइयों का सामना करते हुए टीम ने सफलता हासिल की। लोगों ने पुलिस को बताया कि युवक के पानी के पास जाकर सेल्फी ले रहा था तभी उसका पैर फिसल गया और यह घटना घटित हुई।