Kota: कोटा दौरे पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पश्चिम बंगाल प्रभारी सुनील बंसल ने नीट परीक्षा, राहुल गांधी के प्रस्तावित कोटा दौरे, 'कॉकरोच जनता पार्टी' और पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर कांग्रेस व टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है, जबकि राहुल गांधी का कोटा दौरा केवल राजनीतिक ड्रामा है।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और पश्चिम बंगाल प्रभारी सुनील बंसल आज कोटा प्रवास पर रहे। इस दौरान कोटा पहुंचने पर भाजपा के मंत्रियों और पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय महामंत्री का स्वागत किया। वहीं राष्ट्रीय महामंत्री ने सर्किट हाउस में पदाधिकारियों से मुलाकात की और एमबीएस अस्पताल परिसर में पौधारोपण किया। इसके बाद उन्होंने दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल भी वितरित की। राष्ट्रीय महामंत्री ने नीट परीक्षा, राहुल गांधी के कोटा दौरे और अन्य मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की।
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नीट पेपर लीक पर सरकार का सख्त रुख
नीट परीक्षा को लेकर राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि नीट का जो पेपर लीक हुआ था, उस पर केंद्र सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है। 21 जून को नीट परीक्षा फिर से हो रही है। ऐसे में छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। पेपर लीक मामले की पूरी जांच की जा रही है।
राहुल गांधी के कोटा दौरे पर भाजपा का हमला
इसी बीच छात्रों से संवाद करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी कोटा आ रहे हैं। राहुल गांधी यहां आकर सिर्फ पॉलिटिकल ड्रामा करेंगे और कुछ नहीं। छात्रों की परीक्षा है, लेकिन वह छात्रों से ही संवाद करने आ रहे हैं। ऐसे में समझ में नहीं आ रहा है कि स्टूडेंट्स उनसे संवाद करेंगे या फिर अपनी परीक्षा की तैयारी करेंगे।
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'कॉकरोच जनता पार्टी' पर भी साधा निशाना
'कॉकरोच जनता पार्टी' को लेकर भी राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि देश में लंबे समय से कई ऐसे प्रयोग हुए हैं और उनका अंत भी वैसा ही हुआ है। इसका अंत भी वैसा ही होगा, इसमें कोई आश्चर्य वाली बात नहीं है।
टीएमसी की स्थिति पर किया बड़ा दावा
वहीं बंगाल चुनाव के बाद टीएमसी की स्थिति को लेकर भी राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि वहां के लोग टीएमसी से परेशान हो गए थे। अब टीएमसी पूरी तरह से टूट चुकी है और 20 सांसदों ने भी टीएमसी का साथ छोड़ दिया है। हालांकि वे एनडीए में शामिल नहीं हुए हैं, बल्कि अलग से पार्टी बनाएंगे। लेकिन यह भी सच है कि ये लोग एनडीए को बाहर से समर्थन दे रहे हैं।