डमी कैंडिडेट के जरिये रेलवे में गार्ड बना कर्मचारी सेवा से बर्खास्त
डमी कैंडिडेट की मदद से रेलवे में फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने वाले गार्ड राजेन्द्र मीणा को रेलवे प्रशासन ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। फर्जीवाड़े का मामला उजागर होने के बाद सीबीआई की जयपुर यूनिट ने राजेन्द्र मीणा के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसके बाद कोटा रेल मंडल ने उसके खिलाफ बर्खास्तगी के आदेश जारी किए। इस मामले में कई अन्य कर्मचारी और अधिकारी भी जांच के घेरे में आ गए हैं।
जानकारी के अनुसार राजेन्द्र मीणा ने वर्ष 2019 में जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन कंप्यूटर आधारित परीक्षा में डमी कैंडिडेट मनीष मीणा को बैठाया था। मनीष दौसा जिले के महुआ तहसील के बोरखेड़ा का रहने वाला है। इस धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर राजेन्द्र को पहले निलंबित किया गया और अब बर्खास्त कर दिया गया है।
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इस मामले में टीआरडी डिपार्टमेंट की हेल्पर सपना मीणा और सोगरिया स्टेशन की पॉइंट्स वूमन आशा मीणा को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इन दोनों ने भी परीक्षा में डमी कैंडिडेट के रूप में दिल्ली पुलिस की जवान लक्ष्मी मीणा को बैठाया था। सीबीआई ने इस पूरे फर्जीवाड़े में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोटा रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि विभागीय जांच में राजेन्द्र मीणा दोषी पाया गया, जिसके बाद कार्रवाई की गई है। सूत्रों के अनुसार इस फर्जीवाड़े में भोपाल और अन्य मंडलों के कई कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आ सकती है। सीबीआई की सक्रियता से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है और यह मामला अब रेलवे बोर्ड तक की निगरानी में आ गया है। रेलवे कर्मचारियों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और आशंका जताई जा रही है कि जांच में कई और अधिकारी-कर्मचारी सीबीआई के शिकंजे में आ सकते हैं।