जिले में एक बार फिर सरकारी अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। शुक्रवार को एमबीएस अस्पताल में दो मरीजों की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वार्ड में रेजिडेंट डॉक्टर के कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं परिजन शव लेकर अस्पताल के बाहर सड़क तक पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
जानकारी के अनुसार टोंक जिले के 25 वर्षीय किशन और बूंदी जिले के करीब 65 वर्षीय मदनलाल को सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान रेजिडेंट डॉक्टर उन्हें सीपीआर देने का प्रयास कर रहे थे। तभी परिजनों ने डॉक्टरों पर मरीज को मारने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
आरोप है कि गुस्साए परिजनों ने वार्ड में तोड़फोड़ की और मरीजों को लगी केनुला तथा ऑक्सीजन पाइप भी निकाल दी। इसके बाद वे मरीजों को बेड सहित अस्पताल से बाहर ले गए। इस दौरान जो भी उन्हें रोकने आया, उसके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। अस्पताल परिसर में करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने बताया कि दोनों मरीज गंभीर हालत में भर्ती हुए थे। एक मरीज को टिटनेस और दूसरे को निमोनिया की शिकायत थी। दोनों का इलाज चिकित्सकों द्वारा लगातार किया जा रहा था।
ये भी पढ़ें: Kotputli-Behror News: हथियार साफ करते वक्त चली गोली, पुलिसकर्मी घायल, मुंडावर थाने में मची अफरा-तफरी
उन्होंने कहा कि जब एक मरीज को सीपीआर दिया जा रहा था, तभी परिजनों ने हंगामा कर दिया और डॉक्टरों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद दूसरे मरीज के परिजन भी घबरा गए और अपने मरीज को बिना इलाज के अस्पताल से बाहर ले जाने लगे। अस्पताल स्टाफ और सुरक्षा गार्ड्स ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। डॉ. मीणा का कहना है कि यदि परिजन थोड़ी देर संयम रखते तो दोनों मरीजों की जान बचाई जा सकती थी।
अस्पताल अधीक्षक को गोली मारने की धमकी
अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने और शवों को मोर्चरी में रखवाने की अपील की गई लेकिन इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी ने उन्हें गोली मारने की धमकी दे दी। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की जानकारी जिला कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दोनों मरीजों की मौत की आधिकारिक पुष्टि से पहले ही परिजन उन्हें अस्पताल से बाहर ले गए, जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई। अस्पताल प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज करवाया है, वहीं दूसरी ओर परिजनों ने भी अस्पताल प्रशासन के खिलाफ शिकायत दी है।