मामले की कार्रवाई में जुट पुलिस।
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राजस्थान के शिक्षा नगरी कोटा में एमबीबीएस फाइनल की पढ़ाई करे छात्र के आत्महत्या करने के मामले में मृतक छात्र के पिता ने काॅलेज प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जताई है। मोर्चेरी में अपने बेटे सुनील का शव लेने पिता कजोड़मल ने बताया कि नीट परिक्षा पास करने के बाद सुनील ने साल 2019 में उसने कोटा मेडिकल काॅलेज में प्रवेश लिया था। काॅलेज प्रशासन ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और उसे पहली परीक्षा में ही फेल कर दिया। हम लोगों को जानकारी मिलने के बाद राजस्थान विज्ञान विश्वविद्यालय में केस दायर कर काॅपी की जांच करवाई थी। उसके करीब 8 महीने पर बाद दोबारा जारी हुए रिजल्ट में उसे पास कर दिया गया। उसे करीब डेढ़ साल के लिए काॅलेज से भी बाहर कर दिया। छात्र काफी डिप्रेशन में आ गया और उसने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
मामले की जानकारी लगने के बाद मेडिकल काॅलेज की प्राचार्य डाॅ. संगीता सक्सेना भी मोर्चेरी पहुंची और परिजनों से भी इस संबंध में जानकारी ली। डाॅ. संगीता सक्सेना ने बताया कि एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र का सुसाइड करना काफी दुखद है। छात्र के बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि छात्र को परीक्षा के दौरान मोबाइल से चीटिंग करते हुए पकड़ा गया था। उसके बाद यूनिवर्सिटी ने छात्र को एक साल के लिए परीक्षा से वंचित कर दिया था। उसकी दो परीक्षा भी रद्द कर दी थीं। छात्र सुनील एग्जाम में बैठने के लिए एलिजेबल था या नहीं इस बारे में जानकारी ली जा रही है। छात्र के पिता ने जो आरोप लगाए हैं कि उसकी जांच के लिए टीम बनाई गई है। हमने एक डाॅक्टर खोया है, एक माता-पिता ने अपना बेटा खोया है। इस संबंध में वाइस चांसलर से भी बात की जाएगी।
पुलिस ने करवाया छात्र के शव का पोस्टमार्टम
महावीर नगर थाना एएसआई मोहन लाल ने बताया कि देर रात को एक छात्र का शव हाॅस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था। छात्र सुनील बैरवा बस्सी का निवासी था जो कि कोटा में रहकर साल 2019 से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। छात्र के कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने माता-पिता के सपनों पर खरा नहीं उतरने पर माफी मांगी है। छात्र के शव का पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। साथ ही मृतक छात्र के परिजनों की तरफ से दी गई शिकायत पर भी जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं इस साल मानसिक तनाव के चलते सात छात्रों ने सुसाइड किया है, जोकि कोटा में रहकर नीट और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे थे। वहीं एक छात्र का शत विक्षत शव दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर मिला था।