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राजस्थान: कोटा चिड़ियाघर में जंग लगी जाली तोड़कर भागा तेंदुआ, केयरटेकर एपीओ; जांच कमेटी गठित

Thu, 10 Sep 2026 03:02 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

कोटा के नयापुरा चिड़ियाघर में दो साल की मादा तेंदुआ कमजोर और जंग लगी पिंजरे की जाली तोड़कर बाहर निकल गई। 8 सितंबर की सुबह वह सीवी गार्डन में 40 फीट से अधिक ऊंचे जामुन के पेड़ पर मिली, जिसे वन विभाग की टीम ने ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया।
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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नयापुरा चिड़ियाघर में कमजोर और जंग लगी पिंजरे की जाली तोड़कर दो साल की मादा तेंदुआ के भागने के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है और तेंदुआ की देखरेख करने वाले केयरटेकर को एपीओ कर दिया है। वन विभाग की टीम ने 6 सितंबर को सवाईमाधोपुर से मादा तेंदुआ का रेस्क्यू कर उसे नयापुरा चिड़ियाघर पहुंचाया था। इसके अगले दिन 7 सितंबर को निगरानी के दौरान तेंदुआ को मीट दिया गया था। इसी रात उसने पिंजरे की जाली में जगह बनाई और वहां से बाहर निकल गई।

40 फीट ऊंचे जामुन के पेड़ पर मिली लेपर्ड

तेंदुआ के पिंजरे से निकलने के अगले दिन 8 सितंबर की सुबह सीवी गार्डन में मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे लोगों ने उसे 40 फीट से ज्यादा ऊंचे जामुन के पेड़ पर बैठे देखा। लोगों ने तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुआ को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया। करीब तीन से साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने तेंदुआ को अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसका मेडिकल परीक्षण किया। करीब 35 से 40 किलोग्राम वजन वाली मादा तेंदुआ जांच में पूरी तरह स्वस्थ पाई गई।

पुराना और जंग लगा था लेपर्ड का पिंजरा

जांच में सामने आया कि तेंदुआ को जिस पिंजरे में रखा गया था, वह काफी पुराना और कमजोर था। पिंजरे की जाली में पहले से ही जंग लगी हुई थी। लेपर्ड ने जैसे ही जाली पर जोर लगाया, वह टूट गई और वह बाहर निकल गई।

चार पद स्वीकृत, तीन खाली

डीएफओ प्रमोद धाकड़ ने बताया कि मामले की जांच सीसीएफ कार्यालय के डीएफओ को सौंपी गई है। चिड़ियाघर में वन्यजीवों की देखरेख के लिए चार पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से तीन पद खाली हैं। ऐसे में अकेला केयरटेकर ही तेंदुआ और भालू समेत अन्य वन्यजीवों की देखरेख कर रहा था। वन विभाग के अनुसार, देखरेख में अनदेखी पाए जाने पर केयरटेकर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे एपीओ किया गया है।

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